Wednesday, June 10, 2020

दिल्ली में कोरोना से 8 माह की गर्भवती महिला की मौत एवं अस्पतालों का गैर-ज़िम्मेदाराना रवैया आपको झकझोर कर रख देगा। सुनिए पूरी सच्ची कहानी कोरोना मृतक के पति राजीव के जुबानी।

दिल्ली में कोरोना से 8 माह की गर्भवती महिला की मौत एवं अस्पतालों का गैर-ज़िम्मेदाराना रवैया आपको झकझोर कर रख देगा। सुनिए पूरी सच्ची कहानी कोरोना मृतक के पति राजीव के जुबानी।
‘लापरवाही ने सिर्फ मेरी पत्नी की जान ही नहीं ली, बल्कि उसके पेट में आठ महीने से सांस ले रहे मेरे बच्चे की भी जान ले ली। बीते 9 दिनों ने मेरी पूरी जिंदगी बदलकर रख दी है। सबकुछ खत्म हो गया।’ यह कहते-कहते राजीव का गला भर आया। कुछ देर के लिए फोन पर दोनों ओर से चुप्पी रही। फिर बोले, 28 मई को पता चला कि मोनिका को टाइफाइड हो गया है। हीमोग्लोबिन भी कम हो गया था। तब आठ महीने की प्रेग्नेंट थी।
राजीव दिल्ली के शहादरा में रहते हैं और पत्नी का इलाज गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में चल रहा था। राजीव कहते हैं कि डॉक्टर के कहने पर मैंने 29 मई को उसका कोरोना टेस्ट करवाया। 30 मई की शाम रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। अस्पताल वालों ने कहा कि हमारे यहां कोरोना का इलाज नहीं होता, आप किसी और अस्पताल में चले जाइए। मैंने एक-एक अस्पताल में फोन लगाना शुरू किया। दिल्ली सरकार ने जो लिस्ट दी थी, उसमें सभी अस्पताल के नंबर थे।
रात में 1 बजे तक मैं फोन लगाता रहा, लेकिन सभी अस्पताल एडमिट करने से मना करते रहे। जहां फोन लगाता, सिर्फ यही जवाब मिल रहा था कि हमारे यहां बेड फुल हो चुके हैं, आप कहीं और भर्ती करवा दीजिए। कहीं कुछ बात नहीं बनी तो 30 तारीख की रात 1 बजे मैं अपने छोटे भाई के साथ पत्नी को लेकर गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) पहुंचा।
अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर बोले सैम्पल दीजिए यहां फिर से कोरोना की जांच होगी। सैम्पल के लिए हम दूसरे वॉर्ड में गए। वहां जाकर पता चला अभी तो तीन दिन के सैम्पल पेंडिंग हैं। सैम्पल लेने वाले ने कहा अभी सैम्पल लेकर रखने की भी जगह नहीं बची है। मैंने कहा कि आप ये लिखकर दे दो ताकि मैं डॉक्टर को दिखा दूं और वे मेरी पत्नी को एडमिट कर लें। उनका लिखा कागज लेकर हम दोबारा वार्ड में पहुंचे तो डॉक्टर ने कहा कि आप पेशेंट को एलएनजेपी अस्पताल ले जाइए, क्योंकि यहां तो जगह नहीं है।
ये करीब रात 3 बजे के की बात है। थक हारकर हम पत्नी को लेकर वापस घर आ गए। रात साढ़े तीन से सुबह 7 बजे तक मैं अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में फोन लगाता रहा। लगा कि कोशिश करूं तो कहीं जगह मिल जाए। लेकिन हर जगह यही जवाब मिला कि बेड खाली नहीं है। किसी किसी अस्पताल ने तो ये भी कहा कि अभी हमें कोरोना के इलाज करने का अप्रूवल सरकार से नहीं मिला। एक अस्पताल से पूछा तो बोले कि आपने पहले हमारे यहां इलाज नहीं करवाया है, इसलिए अब यहां भर्ती नहीं कर पाएंगे।
मैक्स अस्पताल से पता चला कि एक बेड खाली हुआ है। कहा कि आप आ जाइए। तारीख थी 31 मई, सुबह साढ़े नौ बजे थे। पत्नी को लेकर मैं वहां पहुंचा। उन्होंने सारी जानकारी ली। मैंने बताया कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हीमोग्लोबिन भी कम है। आठ महीने का गर्भ है। यह सब सुनने के बाद एक सीनियर डॉक्टर आए और बोले, सॉरी हम आपके पेशेंट को नहीं ले सकते, क्योंकि बेड नहीं है। जब मैंने बोला कि मुझे फोन पर बताया था कि बेड है, इसलिए ही मैं आया। तो उन्होंने मानने से इनकार कर दिया।
यहां से हम मोनिका को एलएनजीपी अस्पताल ले आए। दो घंटे औपचारिकताएं चलती रहीं। फिर कुछ देर बाद उसे कॉमन रूम में शिफ्ट कर दिया। हैरानी की बात ये थी कि अगले चौबीस घंटे पत्नी का कोई ट्रीटमेंट ही नहीं हुआ। हां, रात में एक बार कोई आया उसने बच्चे के दिल की धड़कन देखी और चला गया।
मैंने डॉक्टर से कहा भी कि पत्नी को कोई देखने नहीं आया। उसका इलाज नहीं हो रहा। तो बोले कि हम प्रोसीजर के हिसाब से काम कर रहे हैं। आप हमें मत बताइए। उसे दो बार एक से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया, इस दौरान वह अपना सामान खुद यहां से वहां ले जा रही थी। कॉमन वार्ड में पंखा नहीं था और काफी गंदगी थी। इसी बीच मैंने एक दूसरे प्राइवेट हॉस्पिटल में दस हजार रुपए एडवांस जमा कर दिए और उन्हें कहा कि एक भी बेड खाली हो तो प्लीज मुझे बताइएगा।
एक जून की रात को उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई। फिर उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। वहां एसी लगा था तो उसे थोड़ी राहत मिली। अगले दिन उसकी तबियत थोड़ी ठीक हुई। रात को उसका फोन आया की बहुत तेज प्यास लगी है और कोई पानी नहीं दे रहा। वह कह रही थी कि उससे बेड से उठा नहीं जा रहा। तब मैं घर पर था। अस्पताल को फोन किया तो किसी ने बात नहीं सुनी। रात को दस बजे मैं पत्नी को पानी देने अस्पताल पहुंचा।
अस्पताल जाकर इन्चार्ज को बताया भी कि मैं शहादरा से वहां सिर्फ पत्नी को पानी पिलाने आया हूं। उन्होंने मुझे तो अंदर नहीं जाने दिया, लेकिन पत्नी के पलंग तक पानी पहुंचा दिया। तब तक उसे प्यास से तड़पते तीन घंटे हो चुके थे। 3 तारीख का दिन यूं ही निकल गया। उसके अगले दिन यानी 4 जून को शाम को डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन लगाया। मैंने उससे वीडियो कॉल पर बात की तो वो ठीक लग रही थी।
12 बजे मैं घर लौट आया। रात को 3 बजे मेरे पास फोन आया कि आपकी पत्नी की हालत बहुत बिगड़ गई है, उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर रहे हैं। 4 बजे तक मैं अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल वाले बोले कि कितनी देर की जिंदगी है कह नहीं सकते। सुबह आठ बजे बताया कि हम आपकी वाइफ को बचा नहीं सके। मैंने पूछा मेरा बच्चा? तो बोले मां और बच्चे दोनों की मौत हो गई। दोपहर 12 बजे मेरी पत्नी की बॉडी एम्बुलेंस में रखकर अस्पताल वाले श्मशान घाट ले गए।
राजीव और मोनिका की ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। ये उनका पहला बच्चा था। बच्चे को लेकर कई सपने देखे थे, लेकिन अस्पताल की इस लापरवाही ने उनका सबकुछ खत्म कर दिया।फिलहाल राजीव और उनका परिवार क्वारैंटाइन है। उनके सैम्पल जांच के लिए गए हैं। अब तक रिपोर्ट नहीं आई है।

Indian” शब्द का अर्थ है *हरामी संतान*आपने पढ़ा होगा अंग्रेजों के समय में सिनेमाघरों और कई सार्वजनिक जगहों पर “Dogs and Indians are not allowed” का बोर्ड लगा रहता था इसी से आप समझ सकते हैं अंग्रेज के लिये इंडियन्स की क्या वैल्यू थी।

“Indian” शब्द का अर्थ है 
*हरामी संतान*
आपने पढ़ा होगा अंग्रेजों के समय में सिनेमाघरों और कई सार्वजनिक जगहों पर 
“Dogs and Indians are not allowed” का बोर्ड लगा रहता था इसी से आप समझ सकते हैं अंग्रेज के लिये इंडियन्स की क्या वैल्यू थी।

लेकिन यदि आप ऑक्सफ़ोर्ड की पुरानी डिक्शनरी ( Oxford Dictionary ) खोलें तो पृष्ठ नं० 789 पर लिखा है Indian जिसका मतलब बताया गया है कि “old-fashioned & criminal peoples” अर्थात् पिछडे और घिसे-पिटे विचारों वाले अपराधी लोग तथा india का एक और अर्थ है “वह व्यक्ति या दंपत्ति जिसके माता-पिता का विवाह चर्च में नहीं हुआ हो|” अर्थात “Indian” शब्द का अर्थ है उस दंपत्ति से पैदा संतानें जो की चर्च में विवाह न होने के कारण नाजायज हैं मतलब कि बास्टर्ड या फिर हरामी संतान | ब्रिटेन में वहां के नागरिकों को “इंडियन” कहना क़ानूनी अपराध है |

“भारत” या “इंडिया” इस देश का क्या नाम है ? 
सरकार से यही सवाल एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पूछ कर केंद्र सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। सूचना के अधिकार क़ानून यानी आरटीआई के तहत पूछा है कि सरकारी तौर पर भारत का क्या नाम है ?

उन्होंने एक अख़बार को बताया, “इस बारे में हमारे बीच काफी असमंजस है। बच्चे पूछते हैं कि जापान का एक नाम है, चीन का एक नाम है लेकिन अपने देश के दो नाम क्यूं हैं.” उनके इस सवाल ने सरकारी दफ्तरों में हलचल मचा दी है क्योंकि सरकार के पास फिलहाल इसका कोई जवाब नहीं है.

जवाब में आवेदक चाहता है कि “हमें सुबूत चाहिए कि किसने और कब इस देश का नाम “इंडिया” रखा ? या भारत को “इंडिया” कहने का फैसला कब किसके द्वारा लिया गया?”

उक्त आवेदन पर प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें जवाब मिला है जिसमें कहा गया है कि “उनके आवेदन को गृह मंत्रालय के पास भेजा गया है.”गृह मंत्रालय में भी इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था अतः इसे “संस्कृति विभाग” और फिर वहां से “राष्ट्रीय अभिलेखागार” भेजा गया है जहां जानकारी खोजी जा रही है.

राष्ट्रीय अभिलेखागार 300 वर्षों के सरकारी दस्तावेज़ों का संग्रह है. वहां के एक अधिकारी ने बताया है कि “हम इसका जवाब ढूंढ रहे हैं. जवाब शीघ्र ही भेजा जाएगा.”

भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखा है- ‘इंडिया दैट इज़ भारत’. इसका मतलब यह हुआ है कि देश के दो नाम हैं. सरकारी तौर पर ‘गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया’ भी कहते हैं और ‘भारत सरकार’ भी कहते हैं.

सरकारी कार्यवाही में भारत और इंडिया दोनों का इस्तेमाल किया जाता है जबकि हमारे संविधान में भी कहा गया है ” इंडिया दैट इज भारत”|

कुछ विद्वान मानते हैं कि “इंड” शब्द कि उत्पत्ति “सिंध” शब्द से हुई है इसी “इंड” से इंडिया बना किन्तु यह विचार गलत है क्योंकि जिन स्थानों पर सिंध नदी नहीं थी वहाँ के निवासियों के लिए भी अंग्रेज “इंड” शब्द का प्रयोग करते थे | जैसेकि अमेरिका के मूल निवासियों को “रेड इंडियन” कहा जाता था इसके अलाव इंडोचीन, इंडोनेशिया, वेस्टइंडीज़, ईस्टइंडीज़ आदि शब्दों के प्रयोग में सिंधु से कोई लेना-देना नहीं है |

अर्थात “इंडियन” शब्द शतप्रतिशत गुलामी का प्रतीक है। 
अब सिर्फ "भारत"
ना इंडियन ना हिंदुस्तान
अब सुप्रीमकोर्ट भी इस पर विचार करेगा....
हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाना चाहिए ...
इस अभियान में साथ देने वाले महान आचार्य पूज्यनीय श्री विद्यासागर जी महाराज को अनंत नमस्कार,🙏
सच कहूं तो आज ही पता चला कि आचार्य श्री इस अभियान को चला रहे थे.....

हर हर हर महादेव....🙏

Friday, May 22, 2020

नमाज़ शब्द का फारसी से कोई संबंध नहीं

नमाज़ शब्द का फारसी से कोई संबंध नहीं 
उन्होंने बताया कि यह फ़ारसी का शब्द हो सकता है|लेकिन जब फ़ारसी की तरफ निगाह दौड़ाई तो जानकार हैरत हुई कि वहाँ इस शब्द का मूल ही नहीं है|यानी जिस तरह ... OPEN link .https://saffrontigers.com/meaning-of-namaz/

हलाल सर्टिफिकेट लेने के लिएअपने प्लांट में निश्चित संख्या में मुस्लिम मजदूरों को भी रखना पड़ता है....

#हलाल सर्टिफिकेट लेने के लिए
अपने प्लांट में निश्चित संख्या में मुस्लिम मजदूरों को भी रखना पड़ता है....

*✨✨✨✨✨✨
*हल्दीराम प्रोडक्ट्स एवम् बीकाजी प्रोडक्ट्स खाना आज से बंद*

*बड़ा खुलासा*
*ITC के आर्शीवाद आटा की ही तरह हल्दीराम ब्रांड भी हलाल सर्टिफाइड है अर्थात हल्दीराम भी जेहाद के लिए मुस्लिम आतंकवादियों को आर्थिक सहियोग देता है*

भारत मे भुजिया सबसे पहले बनाने वाले हल्दीराम जी ने अपने ब्रांड "हल्दीराम" के सभी प्रोडक्ट के लिए हलाल सर्टिफिकेट ले रखा है...

हल्दीराम के प्रोडक्ट पहले राजस्थान को छोड़कर पूरे देश में बिकते थे... 

पूरे देश मे तकरीबन हर शहर में "हल्दीराम" के स्टोर है...
राजस्थान में उनके छोटे भाई का ब्रांड "बीकाजी भुजिया" खूब बिकता है....
तो आज का ये लेख राजस्थान के मित्रो के लिए है।

बीकाजी का भुजिया बड़े चाव से खाने वाले मित्रों आपने गौर किया होगा... 
कि कुछ सालों से बीकाजी के हर प्रोडक्ट पर अंग्रेजी केसाथ उर्दू भाषा खूब लिखी जा रही है...

"बीकाजी भुजिया" ब्रांड ने भी "हलाल सर्टिफिकेट" ले रखा है...

यह सर्टिफिकेट लेने के लिए मोटी फीस चुकाने के अलावा अपने प्लांट में निश्चित संख्या में मुस्लिम. मजदूरों को भी रखना पड़ता है..

खाली कट्टर बनने से काम नही चलने वाला है...बहिष्कार करो इनका...

हाँ, ये हमे मूर्ख बनाने के लिए हिन्दू बहुल इलाको में जो माल की सप्लाई भेजते हैं...
उन पर ये लोगो नही लगाते हैं...
यह लोगो सिर्फ मुस्लिम बहुल इलाकों में जाने वाले प्रोडक्ट पर प्रिंट किया जाता है।

*जबतक हिन्दुओ के हित की बात नही होगी*
*तबतक सभी हिन्दू टैक्स का बहिष्कार करें*
*"हिंदू राष्ट्र से कम पर कोई समझौता नही"*

*सबसे मूल्यवान बात सामान किनसे खरीदना है*
*उनसे जो कोरोना फैला रहे है*
*या उनसे जो कोरोना से लड़कर देश को सुरक्षित और मजबूत बनाना चाहते है वो आपके हाथों में है*

*जय श्री राम*

‘हलाल प्रमाणित’ उत्पादों का बहिष्कार करें भारतवासी: हिन्दू जनजागृति समिति

यह समय स्थानीय उत्पादों के समर्थन में आगे बढ़ने का है।

#जय_हिंदू_राष्ट्र

Tuesday, May 19, 2020

#वैसे तो #चीन के बौखलाहट के कई कारण हैं, लेकिन चीन आजकल 3 #प्रमुख कारणों से बहुत तिलमिलाया है ।

#वैसे तो #चीन के बौखलाहट के कई कारण हैं, लेकिन चीन आजकल 3 #प्रमुख कारणों से बहुत तिलमिलाया है ।

#पहला प्रमुख कारण यह है कि भारत ने इस बार बहुत मजबूती से उस POK पर दावा ठोका है जहां चीन ने क्वारीडोर बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया है । अब ऐसे में उसकी पूरी मेहनत और पैसा बर्बाद होता हुआ नजर आ रहा हैं ।

#दूसरा प्रमुख कारण यह है कि लिपुलेख दर्रे को मानसरोवर रूट से जोड़ कर भारत ने बड़ी सामरिक कामयाबी हासिल की है, इससे न सिर्फ कैलाश-मानसरोवर का अध्यात्मिक रास्ता सुगम हुआ है बल्कि चीन के साथ सामरिक संतुलन भी कायम हो गया है। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने हिमालय की दुर्गम चोटियों के बीच ऐसी लकीर खींची है जिसे इतिहास याद रखेगा। ये वो इलाका है जहां भारत, नेपाल और चीन की सीमाएँ लगती हैं। इसके कारण अब रसद, हथियार और गोलाबारूद भारतीय चौकियों तक पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा। मानसरोवर लिपुलेख दर्रे से करीब 90 किलोमीटर दूर है । पहले वहां पहुंचने में 3 सप्ताह का समय लगता था लेकिन अब कैलाश-मानसरोवर जाने में सिर्फ सात दिन लगेंगे । इस रोड के शुरू होने के बाद भारतीय थल सेना के लिए रसद और युद्ध सामग्री चीन की सीमा तक पहुंचाना अब बहुत आसान होगा । चीन ने तो बहुत पहले ही सीमा तक सड़क बना लिया था, ऐसे में सैन्य संतुलन कायम करने के लिए भारत द्वारा इस दुर्गम क्षेत्र में सीमा तक निर्माण अनिवार्य हो गया था। 

#तीसरा कारण यह हैं कि भारत 22 मई 2020 को WHO के Executive Board का अध्यक्ष बनने वाला हैं ।
और चीन को अच्छे से ज्ञात हैं कि भारत अध्यक्ष बनने के बाद कोरोना का इन्क्वारी जरूर करवाएगा जो अब तक चीन के प्रभाव के वजह से WHO नही कर रहा हैं । ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका तो पहले से ही इस इन्क्वारी की मांग कर रहे है, ऐसे में भारत का अध्यक्ष के पद पर बैठना चीन के फेवर में तो कत्तई नही होगा । इसलिए वो दबाव की राजनीति खेल रहा हैं । 

#इस कोरोना के दौर में विश्व राजनीति बहुत तेजी से बदल रही हैं और भारत एक नेतृत्वकर्ता के रूप में विश्व पटल पर उभरता हुआ प्रतीत हो रहा हैं ।
#जय जय श्री राम...🚩🚩
जय हिन्द -जय भारत ....
#मोदी है तो मुमकिन है..

वैसे तो मैनें कुछ दिनों से कोई भी कोरोना से सम्बंधित खबर शेयर करना बन्द कर दिया है,मगर आज जब इस 6 वर्ष के मुस्लिम बच्चे को इंडेक्स हॉस्पिटल इंदौर से कई हफ्ते के इलाज के बाद डिस्चार्ज होते वक्त ये कहते हूए सुना"हम मोदी को मारेंगे"

वैसे तो मैनें कुछ दिनों से कोई भी कोरोना से सम्बंधित खबर शेयर करना बन्द कर दिया है,
मगर आज जब इस 6 वर्ष के मुस्लिम बच्चे को इंडेक्स हॉस्पिटल इंदौर से कई हफ्ते के इलाज के बाद डिस्चार्ज होते वक्त ये कहते हूए सुना
"हम मोदी को मारेंगे"
तो ये साफ तौर पर समझ भी आ गया और यकीन भी हो गया।
के हरामखोर और नमक हाराम शब्द क्यूँ बनाये हए और किसके लिये बनाये गए हैं और इनका प्रयोग कब करना है।
और ये इस्लामिक कट्टरता भी समझ आ गयी के जहर कैसे बोया जाता है बचपन से इन मासूमों के अन्दर जिन्हें न ये पता है के कोरोना क्या है और मोदी कौन है।
अब जिन बच्चों को पैदा होते से ही देश के प्रधान-मंत्री को मारने काटने की बातें सिखाई जा रही हो और उसके ऐसा कहने पर पीछे खड़े लोग हस रहे हों वो किस खून के बने हैं आप खुद ही सोच सकते हैं।
मुस्लिम बनाना है तो 
डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम साहब 
जैसा बनाओ मौलाना मसूद अज़हर जैसा नहीं।

आपके विचार में क्या होगा भविष्य इस राष्ट्र का ऐसे दीमकों के रहते हूए।
जो अंदर से खोखला कर रहे हैं हमारे मुल्क को?

जय हिन्द🇮🇳

आपके घर में अन्य व्यक्ति सैनिटाइजर करने आए तो उसको मना कर दीजिए यह कार्य सिर्फ नगर निगम का होना चाहिए और उस का आई कार्ड भी उसके गले में होना चाहिए

2 दिन से एक ही मशीन को कई लोग मिलकर खरीदी कर रहें है बसपा सपा कांग्रेस के कई लोग मिलकर देखिए भाइयों मैं तो बस आपसे इतना ही कहूंगा कि कोई भी आपके घर में अन्य व्यक्ति सैनिटाइजर करने आए तो उसको मना कर दीजिए यह  कार्य सिर्फ नगर निगम का होना चाहिए और उस का आई कार्ड भी उसके गले में होना चाहिए बाकी और किसी अन्य व्यक्ति को सैनिटाइजर करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए ऐसे धोखाधड़ी लूटपाट भी बहुत चल रही है  क्योंकि हर व्यक्ति के मुंह पर मांस होता है उसे पहचानना   बहुत मुश्किल है इसलिए आपके गली मोहल्ले में सिर्फ नगर निगम का ही आदमी आपके घरों को सैनिटाइज करें 

धन्यवाद भारत माता की जय

Saturday, May 16, 2020

बड़ी खबर - यूपी के औरैया में भीषण सड़क हादसा, दो ट्रकों की टक्कर में 23 मजदूरों की मौत, 15 जख्मी

*बड़ी खबर - यूपी के औरैया में भीषण सड़क हादसा, दो ट्रकों की टक्कर में 23 मजदूरों की मौत, 15 जख्मी*


रोजी-रोटी के संकट के बीच प्रवासी मजदूर भयानक हालातों में अपने घरों को लौट रहे हैं.
दो ट्रकों की टक्कर में 23 मजदूरों की मौत हो गई है.

उत्तर प्रदेश के औरैया में गांव लौट रहे मजदूरों से साथ भीषण हादसा हुआ है. यहां दो ट्रकों की टक्कर में 23 मजदूरों की मौत हो गई है. 15 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के मिहौली नेशनल हाईवे पर हुआ है. बताया जा रहा है ट्रकों में सवार मजदूर दिल्ली से गोरखपुर जा रहे थे.

देश में कोरोना संकट के चलते 24 मार्च से लॉकडाउन जारी है. लॉकडाउन की वजह से देश में यातायात सेवाएं ठप हैं. जिसके चलते प्रवासी मजदूरों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. हालात से परेशान मजदूर अब पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. इस भीषण पलायन के दौर में देश में अब तक कई मजदूर चलते-चलते रोड और ट्रेन एक्सीडेंट में मारे जा चुके हैं.

बता दें कि कल उत्तर प्रदेश के जालौन में ही प्रवासी मजदूरों से भरी DCM गाड़ी को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी. इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 14 मजदूर घायल हो गए थे. प्रवासी मजदूर मुंबई से लौट रहे थे. डीसीएम में 46 प्रवासी मजदूर सवार थे.

लॉकडाउन के बीच हाईवे पर इन दिनों दर्द का अंतहीन सिलसिला चल रहा है. रोजी-रोटी के संकट के बीच प्रवासी मजदूर भयानक हालातों में अपने घरों को लौट रहे हैं. मजदूरों के पलायन की चौंकाने वाली तस्वीरें हर दिन सामने आ रही हैं. हालात इतने बदतर हैं कि सामान ढोने वाले ट्रकों में मजदूरों की ढुलाई हो रही है. पलायन कर रहे ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. वहीं पंजाब और हरियाणा से भी मजदूर पैदल ही हजारों किलोमीटर का सफर कर अपने घरों को लौट ने पर मजबूर हैं.

*सीएम योगी ने की थी ये अपील*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि किसी भी प्रवासी मजदूर को असुरक्षित तरीके से यात्रा की अनुमति ना दी जाए फिर भी ये हादसा हुआ. आज गाजियाबाद और नोएडा से मजदूरों को उनकी मंजिल तक ले जाने के लिए ट्रेन भी चलने वाली हैं, लेकिन इसके बावजूद मजदूरे जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे है ।

Saturday, May 9, 2020

फ़ेसबुकिया comments - 671* (Morning संस्करण)तबलीगी जमात औरतलब-लगी जमात...इन दोनों ने देश की 40 दिन की तपस्या खंडित कर दी !

*फ़ेसबुकिया comments - 671*
  (Morning संस्करण)

तबलीगी जमात और
तलब-लगी जमात...

इन दोनों ने देश की 40 दिन की तपस्या खंडित कर दी !
🌻🌻

रहिमन वहां न जाइए, 
जहां जमे हों लोग

ना जाने किस मूर्ख से, 
लगे करोना रोग।
🌻🌻

गुजरात : भरूच से श्रमिकों को भेजने के लिए 6.37 लाख रुपया अहमद पटेल के द्वारा दिया गया है, ऐसा प्रचार किया गया.. 

जांच में पाया गया ये श्रमिक नही बल्कि 'मदरसे' में पढ़ने वाले 850 छात्र थे।
🌻🌻

अरनब गोस्वामी पर आई तो कोई पत्रकार नहीं बोला, अब सुधीर चौधरी पर आई तो भी कोई  पत्रकार नहीं बोला, 

एक एफआईआर रविश कुमार NDTV पर भी करवा दो  ...पूरा टुकड़े टुकड़े गैंग और अवार्ड वापसी गैंग एक झटके में बाहर आ जाएगा !
🌻🌻

रिपोर्टर -  अमित शाह जी सुना है कि कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है।

मोटा भाई -- कश्मीर में कुछ बड़ा नहीं 
कश्मीर ही बड़ा होने वाला है ..!!
🌻🌻

The Supreme Court on Friday asked the state governments, shops, to ensure home delivery of liquor amidst COVID-19 pandemic.

भाई समझा करो, मीलोर्ड उतनी लंबी लाइन में भला कैसे खड़े हो सकते हैं !
🌻🌻

महाराष्ट्र के अमरावती की एक बेकरी में अब्दुल नाजिम शेख महमूद ब्रेड को चाटकर पैकिंग के लिए काट रहा था। इसका टिकटॉक वीडियो वायरल होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

लेमिन अगर उसकी ब्रेड लेने से एस्प माना कर देंगे तो आपको इस्लामोफोबिक मानकर जेल में डाला जाएगा।
🌻🌻

दुनिया से कोरोना संकट खत्म करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पवित्र "वैदिक" शांति पाठ कराया। 

क्या "भारत" में राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री आवास में यह संभव है ?
🌻🌻

टैगोर जयंती पर बंगाल सरकार ने दिए ममता बनर्जी का लिखा ‘कोरोना गीत’ गाने के आदेश.. हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में अनिवार्य रूप से ममता बनर्जी के गीत बजाए जाने का आदेश जारी ...

गुरुदेव को याद करने की जगह बंगाल सरकार लोगों पर मुख्यमंत्री को थोप रही है।
🌻🌻

The chief ministers of Uttar Pradesh and Madhya Pradesh are leading major reforms drive which may help the Hindi belt play a significant part in the country’s GDP growth story.

Uddhav ji may prove to be Bahadur Shah of Maharashtra !
🌻🌻

"वंदे भारत मिशन" के ज़रिए मोदी सरकार अरब देशों में बसे "खास किस्म" के भारतीय भी हैं जिन्होने पिछले दिनों अरब देशों को भारत के खिलाफ भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिनका मजहब इन्हे "वंदे मातरम" बोलने की इजाजत नहीं देता...जिन्हें 'वंदे भारत एक्सप्रेस" ट्रेन से नफरत थी...

देखते हैं कि इनमें से कितने लोग "वंदे भारत मिशन" का बहिष्कार करते हैं... !
🌻🌻

Iqbal Singh Chahal IAS appointed as BMC Commissioner....Not because of his superior adminstrative skills 

but because he's a favourite of the Congress.

लगता है, उद्धवजी BMC पर से भी अपना कब्जा छोड़ने लगे हैं !
🌻🌻

भुज, गुजरात, की इमाम-ए-रब्बानी मस्जिद से देर रात करीब 2:30 बजे बेवक्त की अजान दी गई। मुसलमानों से हथियारों के साथ घर से निकलने को कहा गया।

ये बहुत डरे हुए लोग हैं...
🌻🌻

लगता है, औरंगाबाद में ट्रेन से कटकर मरने वाले सभी मजदूर हिंदु थे.... 

एक दो मुसलमान होते तो मीडिया चैनलों के जिहादी अड्डो पर चुड़ियों की टूटने की आवाज आ रही होती !
🌻🌻

आज भारत सरकार ने आधिकारिक रुप से #POK_गिलगित_बाल्टिस्तान के भारतीय क्षेत्र को खाली करने की सूचना पाकिस्तान सरकार को दे दी है ।

आज भारत सरकार ने आधिकारिक रुप से #POK_गिलगित_बाल्टिस्तान के भारतीय क्षेत्र को खाली करने की सूचना पाकिस्तान सरकार को दे दी है ।

तो आइए pok क्षेत्र के विषय में अपनी जानकारी बढ़ाएं,
क्योंकि अब हम सभी देशवासियों को संपूर्ण जम्मू कश्मीर के इतिहास और भूगोल की सत्यता के बारे में बातचीत करने की जरूरत है विशेषकर POK और अक्साई चीन (cok) के बारे में । गिलगित जो अभी POK के रुप में है, वह विश्व में एकमात्र ऐसा स्थान है, जो कि 5 देशों की सीमा से जुड़ा हुआ है, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान (जो कभी Russia का हिस्सा था), पाकिस्तान, भारत और तिब्बत-चाइना ।

"वास्तव में जम्मू कश्मीर की Importance जम्मू के कारण नहीं, कश्मीर के कारण नहीं, लद्दाख के कारण नहीं, वास्तव में अगर इसकी Importance है तो वह है गिलगित-बाल्टिस्तान के कारण (pok)

अब तक ज्ञात इतिहास में भारत पर जितने भी आक्रमण हुए, यूनानियों से लेकर आजतक (शक, हूण, कुषाण, मुग़ल ) वह सारे गिलगित मार्ग से ही हुए । हमारे पूर्वज जम्मू-कश्मीर के महत्व को समझते थे । उनको पता था कि अगर भारत को सुरक्षित रखना है तो दुश्मन को हिंदूकुश अर्थात गिलगित-बाल्टिस्तान के उस पार ही रखना होगा । किसी समय इस गिलगित में अमेरिका बैठना चाहता था, ब्रिटेन अपना base गिलगित में बनाना चाहता था, Russia भी गिलगित में बैठना चाहता था, यहां तक कि पाकिस्तान ने सन 1965 में गिलगित क्षेत्र को Russia को देने का वादा तक कर लिया था । आज चाइना भी इसी गिलगित में बैठना चाहता है और वह अपने पैर पसार भी चुका है और पाकिस्तान तो बैठना चाहता ही था ।

"दुर्भाग्य से जिस गिलगित के महत्व को सारी दुनिया जानती समझती है, जबकि एक ही देश के नेता उसको अपना नहीं मानते थे, जिसका वास्तव में गिलगित-बाल्टिस्तान है और वह है भारत देश, क्योंकि हमको इस बात की कल्पना तक नहीं है भारत को अगर सुरक्षित रहना है तो हमें गिलगित-बाल्टिस्तान किसी भी हालत में चाहिए । 

आज जब हम आर्थिक शक्ति बनने की सोच रहे हैं, क्या आपको पता है गिलगित से By Road आप विश्व के अधिकांश कोनों में जा सकते हैं । गिलगित से By Road 5000 Km दुबई है, 1400 Km दिल्ली है, 2800 Km मुंबई है, 3500 Km RUSSIA है, चेन्नई 3800 Km है लंदन 8000 Km है । जब हम सोने की चिड़िया थे तब हमारा सारे देशों से व्यापार इसी सिल्क मार्ग से चलता था । 85 % जनसंख्या इन मार्गों से जुड़ी हुई थी, Central Asia, यूरेशिया, यूरोप, अफ्रीका सब जगह हम By Road जा सकते हैं अगर गिलगित-बाल्टिस्तान हमारे पास हो । 

आज हम पाकिस्तान के सामने IPI (Iran-Pakistan-India) गैस लाइन बिछाने के लिए गिड़गिड़ाते हैं, ये तापी की परियोजना है जो कभी पूरी नहीं होगी । अगर हमारे पास गिलगित होता तो गिलगित के आगे तज़ाकिस्तान था, हमें किसी के सामने हाथ नहीं फ़ैलाने पड़ते ।

हिमालय की 10 बड़ी चोटियां हैं, जो कि विश्व की 10 बड़ी चोटियों में से है, ये सारी हमारी सम्पदा है और इन 10 में से 8 गिलगित-बाल्टिस्तान में है l तिब्बत पर चीन का कब्जा होने के बाद जितने भी पानी के वैकल्पिक स्त्रोत (Alternate Water Resources) हैं, वह सारे गिलगित-बाल्टिस्तान में है ।

आप हैरान हो जाएंगे वहां बड़ी -बड़ी 50-100 यूरेनियम और सोने की खदानें हैं । आप POK के मिनरल डिपार्टमेंट की रिपोर्ट को पढ़िए आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे । वास्तव में गिलगित- बाल्टिस्तान का महत्व हमको मालूम नहीं है और सबसे बड़ी बात गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग Strong Anti PAK है ।

दुर्भाग्य क्या है हम हमेशा कश्मीर ही बोलते हैं, जम्मू- कश्मीर नहीं बोलते हैं । कश्मीर कहते ही जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान हमारे मस्तिष्क से निकल जाता है । ये पाकिस्तान के कब्जे में जो POK है, उसका क्षेत्रफल 79000 वर्ग किलोमीटर है । उसमें कश्मीर का हिस्सा तो सिर्फ 6000 वर्ग किलोमीटर है और 9000 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा जम्मू का है और 64000 वर्ग किलोमीटर हिस्सा लद्दाख का है, जो कि गिलगित-बाल्टिस्तान है । यह कभी कश्मीर का हिस्सा नहीं था, यह लद्दाख का हिस्सा था, वास्तव में सच्चाई यही है । तभी भारत सरकार ने दो संघशासित राज्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का उचित निर्माण किया । इसलिए पाकिस्तान जो बार-बार कश्मीर का राग अलापता रहता है तो उससे कोई यह पूछे तो सही कि गिलगित-बाल्टिस्तान और जम्मू का हिस्सा जिस पर तुमने कब्ज़ा कर रखा है, क्या ये भी कश्मीर का ही भाग है ?? कोई उत्तर नहीं मिलेगा ।
क्या आपको पता है कि गिलगित -बाल्टिस्तान , लद्दाख के रहने वाले लोगों की औसत आयु विश्व में सर्वाधिक है । यहाँ के लोग विश्व के अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा जीते हैं ।

भारत में आयोजित एक सेमिनार में गिलगित-बाल्टिस्तान के एक बड़े नेता को बुलाया गया था, उसने कहा कि "we are the forgotten people of forgotten lands of BHARAT"  उसने कहा कि देश हमारी बात ही नहीं जानता । जब किसी ने उससे सवाल किया कि क्या आप भारत में रहना चाहते हैं ?? तो उसने कहा कि 60 साल बाद तो आपने मुझे भारत बुलाया और वह भी अमेरिकन टूरिस्ट वीजा पर और आप मुझसे सवाल पूछते हैं कि क्या आप भारत में रहना चाहते हैं !! उसने कहा कि आप गिलगित-बाल्टिस्तान के बच्चों को IIT, IIM में दाखिला दीजिए, AIIMS में हमारे लोगों का इलाज कीजिए, हमें यह लगे तो सही कि भारत हमारी चिंता करता है हमारी बात करता है । गिलगित- बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की सेना कितने अत्याचार करती है, लेकिन आपके किसी भी राष्ट्रीय अखबार में उसका जिक्र तक नहीं आता, आप हमें ये अहसास तो दिलाइये कि आप हमारे साथ हैं ।
और मैं खुद आपसे यह पूछता हूं कि आप सभी ने पाकिस्तान को हमारे कश्मीर में हर सहायता उपलब्ध कराते हुए देखा होगा । वह बार बार कहता है कि हम कश्मीर की जनता के साथ हैं, कश्मीर की आवाम हमारी है । लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि किसी भी भारत के नेता, मंत्री या सरकार ने यह कहा हो कि हम POK - गिलगित-बाल्टिस्तान की जनता के साथ हैं, वह हमारी अवाम है, उनको जो भी सहायता उपलब्ध होगी, हम उपलब्ध करवाएंगे, आपने यह कभी नहीं सुना होगा ।

कांग्रेस सरकार ने कभी POK  गिलगित-बाल्टिस्तान को पुनः भारत में लाने के लिए कोई बयान तक नहीं दिया, प्रयास करना तो बहुत दूर की बात है । हालाँकि पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार के समय POK का मुद्दा उठाया गया, फिर 10 साल पुनः मौन धारण हो गया और अब फिर से नरेंद्र मोदी जी की सरकार आने पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में ये मुद्दा उठाया ।

आज अगर आप किसी को गिलगित के बारे में पूछ भी लोगे तो उसे यह पता नहीं है कि यह जम्मू कश्मीर का ही भाग है ! वह सीधे ही यह पूछेगा, क्या यह किसी चिड़िया का नाम है ?? वास्तव में हमारा जम्मू कश्मीर के बारे में जो गलत नजरिया है, उसको बदलने की जरूरत है ।

अब करना क्या चाहिए ?? 
तो पहली बात है, सुरक्षा में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए । जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा का मुद्दा बहुत संवेदनशील है, इस पर अनावश्यक वाद-विवाद नहीं होना चाहिए । वहीं एक अनावश्यक वाद विवाद चलता है कि जम्मू कश्मीर में इतनी सेना क्यों है ?? 

तो उन तथाकथित बुद्धिजीवियों को बता दिया जाए कि जम्मू-कश्मीर का 2800 किलोमीटर का बॉर्डर है, जिसमें 2400 किलोमीटर पर LOC है, आजादी के बाद भारत ने पांच युद्ध लड़े, वह सभी जम्मू-कश्मीर से लड़े । भारतीय सेना के 18 लोगों को परमवीर चक्र मिला और वह सभी 18 के 18 जम्मू कश्मीर में शहीद हुए हैं ।
इनमें 14000 भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं, जिनमें से 12000 जम्मू कश्मीर में शहीद हुए हैं, अब सेना बॉर्डर पर नहीं तो क्या मध्यप्रदेश में रहेगी । क्या यह सब जो सेना की इन बातों को नहीं समझते, वही यह सब अनर्गल चर्चा करते हैं  ।

वास्तव में जम्मू कश्मीर पर बातचीत करने के बिंदु होने चाहिए- POK, वेस्ट पाकिस्तान से आए रिफ्यूजी, कश्मीरी हिंदू समाज, आतंक से पीड़ित लोग, धारा 370 और 35A का हुआ दुरूपयोग, गिलगित-बाल्टिस्तान का वह क्षेत्र, जो आज पाकिस्तान व चाइना के कब्जे में है । जम्मू- कश्मीर के गिलगित- बाल्टिस्तान में अधिकांश जनसंख्या शिया मुसलमानों की है और वह सभी पाकिस्तान विरोधी हैं । वह आज भी अपनी लड़ाई खुद लड़ रहे हैं, पर भारत उनके साथ है, ऐसा हमें उनको महसूस कराना चाहिए । देश कभी उनके साथ खड़ा नहीं हुआ, वास्तव में पूरे देश में इसकी चर्चा खुलकर होनी चाहिए ।

वास्तव में जम्मू-कश्मीर के विमर्श का मुद्दा बदलना चाहिए, जम्मू कश्मीर को लेकर सारे देश में सही जानकारी देने की जरूरत है l इसके लिए एक इंफॉर्मेशन कैंपेन चलना चाहिए, पूरे देश में वर्ष में एक बार 26 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर का विलय-दिवस के रुप में मनाना चाहिए, और सबसे बड़ी बात है जम्मू कश्मीर को हमें राष्ट्रवादियों की नजर से देखना होगा । जम्मू कश्मीर की चर्चा हो तो वहां के राष्ट्रभक्तों की चर्चा होनी चाहिए, तो उन 5 जिलों के कठमुल्ले तो फिर वैसे ही अपंग हो जाएंगे ।

इस जम्मू कश्मीर लेख श्रृंखला के माध्यम से मैंने आपको पूरे जम्मू कश्मीर की पृष्ठभूमि और परिस्थितियों से अवगत करवाया और मेरा मुख्य उद्देश्य सिर्फ यही है जम्मू कश्मीर के बारे में देश के प्रत्येक नागरिक को यह सब जानकारियां होनी चाहिए ।

तो अब आप इतने समर्थ हैं कि जम्मू कश्मीर को लेकर आप किसी से भी वाद-विवाद या तर्क-वितर्क कर सकते हैं, किसी को आप समझा सकते हैं कि वास्तव में जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियां क्या हैं । वैसे तो जम्मू कश्मीर पर एक ग्रन्थ लिखा जा सकता है, लेकिन मैंने जितना हो सका उतने संक्षिप्त रूप में इसे आपके सामने रखा है ।
इस श्रृंखला को केवल LIKE करने से कुछ भी नहीं होगा चाहे आप पढ़कर लाइक कर रहे हो या बिना पढ़े लाइक कर रहे हो, उसका कोई भी मतलब नहीं है । अगर आप इस श्रृंखला को अधिक से अधिक जनता के अंदर प्रसारित करेंगे, तभी हम जम्मू कश्मीर के विमर्श का यह मुद्दा बदल सकते हैं, अन्यथा नहीं । इसलिए मेरा आप सभी से यही अनुरोध है श्रृंखला को अधिक से अधिक लोगों की जानकारी में लाया जाए ताकि देश की जनता को जम्मू कश्मीर के संदर्भ में सही तथ्यों का पता लग सके । 

धन्यवाद । 

लेखक पत्रकार सुशील कुमार 
*सनातनी बन्धु*

आज मेरा एरिया कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बन चुका है। कल तक सब ठीक था। हम अपने अपने घर में मस्ती में रह रहे थे।*

*🔴आज मेरा एरिया कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बन चुका है। कल तक सब ठीक था। हम अपने अपने घर में मस्ती में रह रहे थे।*

कल शाम तक हम सब बड़े प्रफुल्लित थे। क्यूँ न हों, घर में राशन पानी भरा है। मित्र, नातेदार रोज खाने पीने की तरह तरह की वस्तुएँ बनाकर फेसबुक, व्हाट्सएप्प स्टेटस पर धड़ल्ले से डाल रहे हैं।

श्रीमती जी भी कुछ न कुछ व्यंजन बना ही रही हैं रोज। चाय की चुस्कियों के साथ पेपर रोज पढ़ा जाता है कि किस प्रकार अमेरिका, यूरोप में हज़ारों की संख्या में लोग रोज मर रहे, फिर एक नज़र अपने आस पास के शहरों में मृतकों की संख्या और संक्रमितों की संख्या पर डाली और मस्त हो गए खाने पीने में।

कल शाम 4 बजे अचानक व्हाट्सएप पर मैसेज आया कि बनारस में आज 12 और लोग संक्रमित पाए गए हैं। उसमें अपने एरिया का नाम पढ़ कर दिल सशंकित हुआ। तब भी दिल को समझाया कि मेरा एरिया तो बहुत बड़ा है, मेरे घर के आस पास थोड़ी हो सकता है।

फिर 4:30 बजे मेरे ही कॉलोनी के एक सज्जन का फ़ोन आया कि भाई साहब घर से एकदम बाहर मत निकलिएगा, आपके घर की गली के बाहर जो मेडिकल स्टोर है उसी का मालिक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।


सुनकर दिल धक्क से रह गया। मैंने कन्फर्म करने के लिए आस पास के लोगों को फोन किया। सब पूरी तरह श्योर नहीं थे।

हमलोग पूरे परिवार संग घबराकर घर की छत पर आ गए, देखा तो सारे मुहल्ले के लोग छत पर जमा हैं।

पूरे कॉलोनी में पुलिस गश्त कर रही है, जगह जगह बाँस बल्लियों की सहायता से रास्ता ब्लॉक किया जा रहा है। पुलिस अनाउंसमेंट कर रही है कि जिस मेडिकल शॉप का मालिक संक्रमित पाया गया है उस शॉप से जिसने भी दवा हाल ही में खरीदी हो वो स्वतः आगे आकर सहयोग करे और जाँच करा ले।

अब मुझे ये कन्फर्म हो गया कि मेरे मुहल्ले की वही मेडिकल स्टोर है जहाँ से मैंने करीब 2 महीने पहले दवा ली है। भगवान को शुक्रिया अदा किया।

फिर छत से नीचे आ गया। एक अजीब सा डर मन में बैठ गया है। कल तक विदेशों की बातें सुनते थे, फिर दूसरे शहरों की कोरोना की बातें सुनते थे, अब खुद हमारी कॉलोनी एक हॉटस्पॉट बन चुकी है।

बस मेरी इन बातों को बताने का यही मतलब है कि जब तक आप पर मुसीबत नहीं पड़ती आपको दूसरों की मुसीबत और डर का अंदाज़ा नहीं होता। हम दिन भर खाने पीने की वस्तुओं का सोशल मीडिया पर प्रदर्शन करते रहते हैं कि देखो हमने ये खाया, वो खाया जबकी ये नहीं सोचते कि कितनों के घर में इस समय खाने के लिए एक टाइम का राशन नहीं है।

*जो लोग कोरोना से ग्रसित हैं उनके परिवार की हालत सोचिये, ये एक तरह से युद्ध की परिस्थिती है। इसमें हम सभी को अपने वैभव का प्रदर्शन नहीं करना है बल्कि देश और समाज के हित के लिए अन्न को बचाना चाहिए। अपने खाने पीने का फूहड़ प्रदर्शन सोशल मीडिया पर करने से बचना चाहिए।*

*ईश्वर से प्रार्थना करिए कि आपके एरिया औऱ सम्पूर्ण देश में कोरोना का प्रकोप खत्म हो जाए।*

*औऱ ये ध्यान रखिये की ये संक्रमण किसी के भी घर आ सकता है।*

*🟢स्वस्थ रहिए, सुरक्षित रहिये।*

09/05/2020 ख़बर

➡गुजरात - अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने की कार्रवाई, पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया, गृहमंत्री के स्वास्थ्य को लेकर अफवाह फैलाई थी, सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट कर वायरल किया था.

➡दिल्ली - गृहमंत्री अमित शाह का ट्वीट, मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं, कुछ लोगों ने मेरी मौत की दुआ मांगी, मेरी स्वास्थ्य पर अफवाह फैलाई गई, मैं कोरोना के खिलाफ लड़ाई में व्यस्त हूं, लोग काल्पनिक सोच का आनंद लेते रहे, इसलिए मैंने कोई स्पष्टता नहीं दी, मेरे लाखों कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की, अफवाह फैलाने वाले से कोई द्वैष नहीं, अफवाह स्वास्थ्य को और मजबूत करती है-शाह.

➡लखनऊ - कोरोना मरीज मिलने के बाद हज़रतगंज के नरही में कॉलोनी को किया गया सील, स्वास्थ विभाग ने लोगों के सैंपल लिए, पड़ोस के मकान में रह रहे लोगों की सैंपलिंग.

➡लखनऊ - ट्रेन की बोगी में सीतापुर निवासी युवक की मौत, सीतापुर के 30 वर्षीय मजदूर कन्हैयालाल की मौत, ट्रेन में संदिग्ध मौत से यात्रियों में हड़कम्प मचा, शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मजदूरों को लेकर श्रमिक ट्रेन पहुंची चारबाग स्टेशन, गुजरात के भावनगर से 1200 मजदूर पहुंचे चारबाग, बस्ती जा रही ट्रेन चारबाग स्टेशन पहुंची,हड़कंप.

➡लखनऊ - लखनऊ में डीएम अभिषेक प्रकाश ने गेहूं क्रय केंद्र में धांधली पर की कार्रवाई, भुगतान में देरी और घटतौली पकड़ी, एडीएम आपूर्ति, डिप्टी RMO को स्पष्टीकरण, दोनों अफसरों के वेतन रोकने के आदेश, 
सरोजनीनगर के किशनपुर कुड़िया का मामला.

➡उन्नाव - दबंगों ने व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की, विवाद में दबंगों की पिटाई से मौत, 4 दबंगों पर हत्या करने का आरोप, अस्पताल ले जाते समय हुई मौत, बांगरमऊ के एकडला गांव की घटना.

➡बहराइच - बहराइच में कोरोना के 5 नए मरीज मिले, एक साथ 5 मरीज मिलने से जिले में हड़कम्प, जिले में अबतक 13 कोरोना पॉजिटिव, सीएमएस ने कोरोना मरीज की पुष्टि की.

➡फिरोजाबाद - कोरोना को लेकर अच्छी खबर, आज 4 और कोरोना मरीज डिस्चार्ज, फिरोजाबाद में मरीजों की संख्या 174.

➡लखीमपुर खीरी - झंडी चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप, चौकी इंचार्ज पर पट्टे से पीटने का आरोप, SI पर ग्रामीण ने लगाए गंभीर आरोप, निघासन के लंघनिया पुरवा का मामला.

➡बुलंदशहर - मोबाइल शौचालयों में लगी भीषण आग, मोतीबाग ग्राउंड में थे मोबाइल शौचालय, फायर ब्रिगेड टीम आग बुझाने में जुटी, बुलंदशहर के मोतीबाग का मामला.

➡आज़मगढ़ - अनियंत्रित कार झोपड़ी में घुसी, हादसे में 2 लोगों की मौके पर मौत, 4 घायल, अस्पताल में भर्ती कराया, जीयनपुर के बखालिस बाजार की घटना.

➡नोएडा - पानी लेने जा रहे युवक को पुलिस ने पीटा, पुलिस कर्मी ने युवक को लात मारी, गंदी गाली दी, सेक्टर 24 थाना क्षेत्र के सेक्टर 22 की घटना.

➡नोएडा - नोएडा में आज कोरोना के 2 नए केस, 2 लोगों में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि, सेक्टर 66 और सेक्टर 45 में मिले केस, सेक्टर 66 के मरीज की हो चुकी मौत, नोएडा में कोरोना मरीजों की संख्या 216.

➡गाजियाबाद - कोरोना पर गाजियाबाद के लिए राहत की खबर, 24 घंटे में कोरोना का नया मरीज नहीं मिला, गाजियाबाद में कोरोना मरीजों की संख्या 133.

➡अलीगढ़ - अलीगढ़ में कोरोना मरीज की मौत, मौत के बाद रिपोर्ट आई पॉजिटिव, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थी महिला, मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत, देहली गेट इलाके की निवासी थी महिला.

➡इटावा - पुलिस गाड़ी ने बाइक को मारी टक्कर, बाइक सवार सिपाही की इलाज के दौरान मौत, दारोगा पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी, कार्रवाई न होने से परिजनों में आक्रोश, टीटी चौकी इंचार्ज मारी थी टक्कर.

➡बलिया - भारत समाचार की खबर का असर, छेड़छाड़ मामले में डबल मर्डर का मामला, लापरवाह खेजुरी इंस्पेक्टर लाइन हाजिर किए गए, खेजुरी क्षेत्र के मासुमपुर का मामला.

➡हरदोई - सपा नेता,शराब माफिया सुभाष पाल की संपत्ति की होगी कुर्की, भाई की भी संपत्ति की जाएगी कुर्क, डीएम पुलकित खरे ने दी जानकारी, कुर्की के लिए उप जिला मजिस्ट्रेट सदर नियुक्त, सुरसा थाना इलाके के हैं सपा नेता.

➡फतेहपुर - स्कूल के प्रबंधक पर तलवार से जानलेवा हमला, युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, किशनपुर के रायपुर भसरौल का मामला.

➡बुलंदशहर - 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, छतारी पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी.

➡हरदोई - लॉक डाउन में खनन माफिया सक्रिय, सांडी के नयागांव गांव में मशीन लगाकर धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन.

➡मुरादाबाद - बैंक्विट हॉल, होटल मैनेजर पर दुष्कर्म करने के आरोप में केस दर्ज, ब्यूटी पार्लर संचालिका की तहरीर पर FIR, थाना मझोला क्षेत्र की घटना.

➡हरदोई - नवजात की मौत के बाद परिजनों का अस्पताल में हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप, कछौना सीएचसी का मामला.

➡कानपुर - महिला ने दारोगा पर लगाए गंभीर आरोप, शादी का झांसा देकर रेप का आरोप, महिला पर समझौते का बना रहे दबाव, परम पुरवा चौकी इंचार्ज है देव नारायण, पीड़िता को ही धमका रहा चौकी इंचार्ज.

➡जालौन - जालौन में कोरोना वायरस का कहर जारी, जालौन में आज कोरोना के 18 नए केस, 18 नए लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि, कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हुई 30.

➡गाजीपुर - कोरोना मरीज मिलने का मामला, कोरोना मरीज को भेजा वाराणसी, मंडलीय चिकित्सालय भेजा गया, युवक के संपर्क में आए लोग क्वारेंटीन, नन्दगंज के खिदिरपुर का मामला.

➡फिरोजाबाद - भारत समाचार की खबर का असर, कोरोना मरीज के अंतिम संस्कार का मामला, विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ थाना लाइनपार पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज, छार बाग इलाके के 22 लोगों पर मुकदमा दर्ज.

➡फिरोजाबाद - फिरोजाबाद में आज 4 नए केस मिले, 4 लोगों को कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि, फिरोजाबाद में मरीजों की संख्या 174, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने की पुष्टि.

➡प्रतापगढ़ - जिले में दूर-दूर बनाए गए मूल्यांकन केंद्र लेकर शिक्षकों में रोष, शिक्षक संघ ने डीआईओएस को लिखा पत्र, मूल्यांकन केंद्रों को लेकर शिक्षक परेशान.

PM ने कहा- लड़ाई लंबी है**PM का मंत्र- ""जान भी जहान भी।""* ..... कृपया इन बातों का ध्यान रखें :-*MOST IMPORTANT*

*PM ने कहा- लड़ाई लंबी है*
*PM का मंत्र- ""जान भी जहान भी।""*
 ..... कृपया इन बातों का ध्यान रखें :-
*MOST IMPORTANT*
1-.फ़िज़ूल खर्ची बिलकुल ना करें, चाहे आपके अकाउंट में लाखों रूपये क्यों ना हों!
 कैश की प्रॉब्लम हुई तो वो लाखों रूपये कोई काम के नही.
2. आशावादी दृष्टिकोण व सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों से प्रेरणा लेते रहें।
3. मिल्क पाउडर का स्टॉक रखें।
4. दवाइयों का स्टॉक रखें, जो रेगुलर लेते हो- बीपी, डायबिटीज, हार्ट, थायरॉइड इत्यादि की दवाई।
5. खाना बिलकुल बर्बाद ना करें; किसी भी हालात में आत्मविश्वास नहीं खोऐं,
 दोपहर का खाना बचा है तो शाम को खा लें, रोटियां बची हैं तो तल कर रख लें, उन्हें चाय के साथ खा लें ।
चावल ज्यादा बच गये हैं तो शाम को पुलाव बना लें, भूख से थोड़ा कम खाने की आदत डालें। अभी नये आइटम बनाकर खाने का समय नहीं है, संयम रखे।
6. थोड़ा दही प्रतिदिन जमाते रहें। हो सके तो छाछ लेते रहे।
7. बच्चों की जिद्द पर लगाम लगाये, उनको बुरे वक़्त के बारे में बताये, लड़ने की हिम्मत दें उन्हें ,"तुम स्ट्रांग हो..,समझदार हो .." ऐसे लफ़्ज़ों से उन्हें स्ट्रांग बनाये ........
 8.जहां ज़रूरत है वहीं खर्च करें। (नाश्ता ,फ्रूट्स,स्नैक्स,कोल्ड ड्रिंक,मिठाईयाँ,नमकीन,बिस्कुट पर रोक लगाए)
9. सिंपल खाना खाएं (वक़्त बदलेगा  तो अच्छा भी खाएंगे)
10. अपने गरीब रिश्तेदार और पड़ोसियों का खास ख्याल रखे ..
11_ घर में first aid किट की दवाइयां ज़रूर रखें ,जैसे बुखार, जुकाम, पेट दर्द, उल्टियां, pain किलर, iodex ,sofromycin , 
12. सुखी सब्जियों  का स्टॉक करे---राजमा, मूँग, चवले, चने, छोले, केर-सांगरी, पापड़, मैथी दाना आदि।

*छोटी सी कोशिश* ...........

13. मंदिर जाने के लिए जिद्द ना करें। सार्वजनिक रूप से भीड़ मे ना मिले। लोगों से सोशियल डिस्टेंस रखें ।
14.आपस में प्रेम से रहें, भूतकाल के झगड़े भूलने का समय है, जिद्द छोड दें ।
15. स्वयं कुछ नया सीखे एवं बच्चो को भी योजनाबद्ध तरीके से कुछ नया सिखाएं। 
आपके माइंड में कुछ suggestion और अच्छे ideas  हो तो family group में और परिवारजन व दोस्तों को msg  करें.
Stay Home Stay Safe.
🙏🙏🙏🙏🙏🙏

For All Businessmen**व्यापारी ध्यान देवे

*For All Businessmen*

*व्यापारी ध्यान देवे*

1. लॉक डाउन खुलने के बाद माल बेचने की जल्दबाजी न करें पहले मार्केट का रुख देखें पीछे से माल किन किन शर्तों पर आपके पास आ भी रहा है नहीं उसके बाद ही माल विक्रय करे।

2.माल विक्रय करने से पूर्व ये सुनिश्चित कर लेवे आज का क्या भाव है ओर आपके पास उस वस्तु का कितना स्टॉक शेष है उसी हिसाब से माल को बेचे।

3 पिछली उधारी क्लियर होने के बाद ही अगला माल विक्रय करे अन्यथा पुराना पेमेंट के साथ साथ नया पेमेंट भी लंबे समय के लिए मार्केट में रुक सकता है।

4.जितना अधिक हो सकें उतना नगद बेचने का प्रयास करें । इससे  आप बिल्कुल तनाव मुक्त होकर व्यापार कर सकेंगे।

5.उधार एक सुविधा के लिए दिया जाता है किन्तु कुछ लोग इस सुविधा का दुरुपयोग करने लगे हैं माल बेचने के बाद भी पेमेंट करने में कुछ लोग आनाकानी करते है फालतू चक्कर कटवाते है नए नए बहानेबाजी मारने लगते है जिसमें इस बार तो...भगवान ही मालिक है।

6.नगद बेचने वाला निश्चिंत रहता है उधार बेचने वाला चिंतित ही रहता है हमेशा आप जैसी आदत डालेंगे वैसी ही आदत बनेगी उधार सिर्फ़ साख़ के आधार पर कुछ समय के लिए दिया जाता था किन्तु अब कुछ लोग रकम को किश्तों में देकर पूरी रकम को तोड मरोड़ देते हैं जिससे व्यापार करने में अब कठिनाइयां आने लगी है|

7.ठीक है "उधार के बिना व्यापार नहीं चलता" इस सोच को ही बदलने की ज़रूरत है सोच बदलेगी तभी दुनिया सुधरेगी।

8.एक पर्ची क्लियर होने के बाद ही अगला माल उधार दे जिससे एक लिमिट भी बनी रहेगी उधारी भी एक व्यापारी पर अधिक नहीं बढ़ेगी।

9.कुछ शहरों में एडवांस चेक लेकर व्यापारी अपनी शर्तों पर बिजनेस कर रहे हैं जो काफ़ी सुखी है
 सिक्यूरिटी बतौर माल उधार देने वाले से डेट डलवाकर सिग्नेचर करवाकर चेक रखकर ही माल दे रहे हैं जो सुरक्षा के लिए पर्याप्त है।


10. सभी व्यापारी भाइयों से अनुरोध है कि वह अपने अनावश्यक खर्चों पर कटौती करें वह कोशिश करके बाहर कम-से-कम निकले अपने प्रतिष्ठान पर ही बैठकर माल बेचे व खरीदें ।


11. कम मार्जिन में व्यापार करने की सोच को बदलें एक निश्चित मार्जिन व्यापार के लिए बहुत जरूरी है अतः गला काट प्रतियोगिता से भी बचे ।

"मर्ज़ी है आपकी आप माल उधार बांटे या फ़्री में माल आपका रकम भी आपकी"

Friday, May 8, 2020

*Covid 19 Spreading up Quickly In India*

*Covid 19 Spreading up Quickly In India*

March 05.         30  Cases
March15.         114 Cases
March 25.        657 Cases
March 31.      1397 Cases
April 05.          4289 Cases
April 10.         7600. Cases
April 20.        18539 Cases
April 30.        34863 Cases
May 05.        49400. Aprox

With this speed it will be
70000.   Up to May 10th
140000.  Up to May 20th
3 lakh up to end of this month

*VERY IMPORTANT*
 
Please Do not leave home to buy anything, because the worst time is starting.

As per studies 
The horrible thing that happened in Italy was that this *CONTAGIOUS WEEK* which was ignored there and so thousands of cases came up together.

*HUMBLE REQUEST*
DON'T VISIT ANYONE  DON'T MEET ANYONE, DON'T EVEN VISIT CLOSE FAMILY
AS THIS IS NOT ONLY FOR YOUR SAFETY BUT YOUR LOVED ONES TOO.
AS
This time you will be at the PEAK STAGE OF TRANSITION.
PLEASE 
*Send this message to all your relatives and friends*

*JAIHIND*
*STAY INDOOR*STAY SAFE*

दोस्तों, हारना नहीं है...

*दोस्तों, हारना नहीं है...* 

*हम आर्थिक चुनौतियों के दौर में हैं। बहुत से लोगों की नौकरी चली गई होगी। जा सकती है।* सैलरी कम हो गई होगी या हो सकती है। *याद रखना है कि ये हालात आपकी वजह से नहीं आए हैं।* आप ख़ुद को दोष न दें। न हार, अपमानित महसूस करें। रास्ता नज़र नहीं आएगा लेकिन हिम्मत न हारें। *कम से कम खर्च करें।* अपनी मानसिक परेशानियों को लेकर अकेले न रहें। *दोस्तों से बात करें।* रिश्तेदारों से बात करें। *किसी तरह का बुरा ख़्याल आए तो न आने दें।* इस स्थिति से कोई नहीं बच सकता। *तो धीरे धीरे खुद को पहाड़ काट कर नया रास्ता बनाने के लिए तैयार करें।* अपनी भाषा या सोच ख़राब न करें। *कुछ भी हो जाए, जीना है, कल के लिए।* धीरज रखें। कम में जीना है। *यह वक्त आपका इम्तहान लेने आ गया है।* 
               भरोसा रखिए जब आपने एक बार शून्य से शुरू कर यहाँ तक लाया है तो *एक और बार शून्य से शुरू कर आप कहीं पहुँच जाएँगे।* बस यूँ समझिए कि आप लूडो(सांप सीढ़ी)खेल रहे थे। 99 पर साँप ने काट लिया है *लेकिन आप गेम से बाहर नहीं हुए हैं।* क्या पता कब सीढ़ी मिल जाए। हंसा कीजिए। थोड़े दिन झटके लगेंगे। उदासी रहेगी लेकिन अब ये आ गया है तो देख लिया जाएगा, यह सोच कर रोज़ जागा कीजिए। ✍

*सकारात्मक रहें* 🙏 घर में रहे, सुरक्षित रहे 🙏

Wednesday, May 6, 2020

टीचर से टेररिस्ट बने रियाज नाइकू की मौत ,सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी

टीचर से टेररिस्ट बने रियाज नाइकू की मौत ,सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी

नई दिल्‍ली. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षा बलों को बुधवार को बड़ी कामयाबी मिली है. सेना की 55 आरआर और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने अवंतीपोरा (Avantipora) के बेगपोरा में एनकाउंटर में 12 लाख रुपये के इनामी मोस्‍ट वांटेड आतंकी रियाज नाइकू (riyaz naikoo) को मार गिराया है. वह करीब आठ साल से फरार था. आतंकी नाइकू जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (hizbul mujahideen) का कमांडर था.


1. रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी रियाज नाइकू हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन का खास था. सलाहुद्दीन को अमेरिका की ओर से 2017 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा चुका है.

2. कश्‍मीर में 2016 में आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद नाइकू ने कमांडर की कमान संभाली थी.

3. आतंकी बनने और हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने से पहले नाइकू कश्‍मीर में बच्‍चों को ट्यूशन पढ़ाता था.

4. आतंकी जाकिर मूसा ने 2017 में हिजबुल से अलग होकर अपना खुद का आतंकी संगठन अंसार गजवातुल हिंद बनाया था. इसके बाद नाइकू ने हिजबुल को कश्‍मीर में संभाला. मूसा 2019 में मारा गया था.


5. रियाज नाइकू कश्मीर में सबसे ज्यादा समय तक सक्रिय रहने वाला आतंकी था. वह हिज्बुल मुजाहिदीन के लिए काम करता था.

6. नाइकू को मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की A++ कैटेगरी में रखा गया था. वह कई पुलिसकर्मियों की किडनैपिंग और उनके मर्डर में शामिल था.

7. ऐसा माना जाता है कि नायकू ने गन सैल्यूट को पुनर्जीवित किया था. इसके तहत आतंकी अपने कमांडर की मौत पर बंदूक चलाते हैं. मरे हुए आतंकियों के जनाजे के दौरान नाइकू को हवा में गोली चलाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए देखा गया था.

8. सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि अपनी छवि के कारण उसने दक्षिण कश्मीर के बहुत से युवाओं को आतंकी गुट में शामिल करने में सफलता प्राप्त कर ली थी.

9. हिजबुल कमांडर रियाज नायकू ने जनवरी 2018 में पंचायत चुनाव लड़ने वालों पर एसिड अटैक करने की धमकी दी थी. धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था.

10. नाइकू कश्‍मीर घाटी में आतंकी के रूप में 8 साल से सक्रिय था. वह तकनीकी उपकरणों का इस्‍तेमाल बखूबी जानता था

अपने खाते से संबन्धित जानकारी जैसे खाता संख्या, आइएनबी एवं एटीएम कार्ड व्यक्तियों से कदापि साझा न करें । इनका अवैध प्रयोग किया जा सकता है जिससे आप पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है।

Beware of fake offers and Hoax calls from fraudsters / miscreants
customer.awareness@sbi.co.in> to you & others

प्रिय ग़्राह्क,

!!!सावधान!!! 

•    दूरभाष/ एस एम एस/ईमेल/सोशल मीडिया से सूचित पुरस्कार/लॉटरी/गिफ्ट/ नौकरी/तीनमहीनोकाकिस्तमाफकरने / डीबीटीजमाकरने / किसी कल्याण कोष मे जमा करने हेतु गलत लिंक /सस्तीवस्तु उपलब्ध कराने वाले प्रस्ताव के लालच में कदापि न आयें एवं संबंधित शुल्क /कर / अग्रिम की राशि खाते में जमा मांगने वाले धूर्त प्रयासों से खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएं ।

•    अपने खाते से संबन्धित जानकारी जैसे खाता संख्या, आइएनबी एवं एटीएम कार्ड   व्यक्तियों से कदापि साझा न करें । इनका अवैध प्रयोग किया जा सकता है जिससे आप पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। 

•    हमारे बैंक या हमारे कोई प्रतिनिधि, ग्राहको की व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि एटीएम पिन / इन्टरनेट पासवर्ड, वन टाईम पासवर्ड / सी वी वी संख्या पूछने के लिए कभी भी ई-मेल / एस एम एस / दूरभाष का प्रयोग नहीं करते है /

•    आप अपराधी को पकड़ने के लिए इस तरह के प्रस्तावों / घटनाओं का विवरण  तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में ला सकते हैं और नजदीकी एसबीआई शाखा को भी सूचित कर सकते हैं।

•    शाखा संपर्क विवरण प्राप्त करने के लिए गुगल सर्च इंजन पर उपलब्ध संपर्क नंबर और विवरण पर भरोसा न करें। इस उद्देश्य के लिए केवल हमारी एसबीआई वेबसाइट का उपयोग करें।

•    अपना पिन और पासवर्ड गुप्त रखें। समय-समय पर बैंक से संबंधित पासवर्ड बदलें।

धन्यवाद

महाप्रबंधक
भारतीय स्टेट बैंक
जयपुर

Dear Customer,

•    Beware of fake offers by tele calls/SMS/email/social media asking money towards charges/fee/duty/tax against Prize/Lottery/Gift/job/goods/waiver of three months EMI / Direct Benefit Transfer / Wrong link for depositing money in any Relief / Welfare Fund /other services etc. 

•    Never ever share your personal account details with unknown persons. Your account might be used for collecting proceeds of crime exposing you to criminal investigations / trials. 

•    Our bank or any of our representatives never sends email/SMS or make calls to customers to get customer’s personal information, password or one-time OTP (High security) password. 

•    You may also immediately bring the details of such offers / incidents into the notice of local police authorities for booking the culprit and also inform the same to nearest SBI Branch.

•    Never use Google search engine for finding contact number of SBI branches and its details. Use only SBI authorized website for this purpose.

•    Keep your password and PIN secret. Please change it from time to time.


Thanks

General Manager 
State Bank of India,
Jaipur

Disclaimer: State Bank never sends e-mails and embedded links asking you to update or verify confidential, personal and security details. If you receive such emails/phone calls/SMS, NEVER RESPOND to them and report such matter to the bank at report.phishing@sbi.co.in

★नेहरू द्वारा बनाये गये इस मधुमख्खी के छत्ते में साठ साल में पहली बार मोदी ने लाठी मारी है★

★नेहरू द्वारा बनाये गये इस मधुमख्खी के छत्ते में साठ साल में पहली बार मोदी ने लाठी मारी है★

वास्तव में ‘सत्ता’ का असली अर्थ समझना हो तो- दिल्ली में स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर(IIC) घूम आइये, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) वो जगह है जहाँ सत्ता सोने की चमकती थालियों में परोसी जाती है ।

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) एक शांत और भव्य बंगले में स्थित है जिसमें हरे भरे लॉन, उच्च स्तरीय खाने और पीने की चीजों के साथ शांति से घूमते हुए वेटर हैं।
 ऊपर वाले होंठो को बगैर पूरा खोले ही - मक्खन की तरह अंग्रेजी बोलने वाले लोग हैं, यहां लिपिस्टिक वाले होठों के साथ सौम्यता से बालों को सुलझाती हुई महिलायें हैं । जिनका बिना शोर किये हाथ हिलाकर या गले मिलकर शानदार स्वागत करते हैं !

भारत सरकार द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर(IIC) की स्थापना एक स्वायत्त संस्था के रूप में -स्वछन्द विचारधारा और संस्कृति के उत्थान के लिए की गयी थी -वहाँ आपको वो सब बुद्धिजीवी दिखेंगे - जिनके बारे में आप अंग्रेजी साहित्य और पत्रिकाओं के माध्यम से जानते हैं ।

यू.आर.अनंतमूर्ति वहां पिछले पाँच सालों से (२०१४ में उनकी मृत्यु से पहले तक) एक स्थायी स्तम्भ की तरह जमे हुए ।

गिरीश कर्नाड *(नरेन्द्र मोदी के धुर विरोधी)*,- प्रतीश नंदी, मकरंद परांजपे, शोभा डे जैसे जाने कितने लेखक ,पत्रकार और विचारक IIC के कोने कोने में दिख जायेंगे -नयनतारा सहगल *(जवाहरलाल नेहरू की भांजी)* यहाँ प्रतिदिन “ड्रिंक करने” के लिए आया करतीं हैं, साथ ही राजदीप सरदेसाई और अनामिका हकसार भी वहां रोजाना आने वालों में से ही हैं,
बंगाली कुर्ता और कोल्हापुरी चप्पलें पहने हुए, आँखों पर छोटे छोटे शीशे वाले चश्मे लगाये बुद्धिजीवियों के बीच सफ़ेद बालों और खादी साड़ी में लिपटी कपिला वात्स्यायन और पुपुल जयकर भी नज़र आ ही जायेंगी!

इस भीड़ का तीन चौथाई भाग महज कौवों का झुण्ड है -विभिन्न पॉवर सेंटर्स के पैरों तले रहकर यह अपना जीवन निर्वाह करते हैं... इनमें से ज़्यादातर लोग सिर्फ सत्ता के दलाल हैं !

लेकिन ये वह लोग हैं हैं जो हमारे देश की संस्कृति का निर्धारण करते हैं - एक निश्चित शब्दजाल का प्रयोग करते हुए यह -किसी भी विषय पर रंगीन अंग्रेजी, में घंटे भर तो बोलते हैं - परन्तु इकसठवें मिनट में ही इनका रंग फीका पड़ना शुरू हो जाता है।

वास्तव में ये लोग किसी चीज़ के बारे में कुछ नहीं जानते -सेवा संस्थानों और सांस्कृतिक संस्थानों के नाम इनके पास चार-पांच ट्रस्ट होते हैं और ये उसी के सम्मेलनों में भाग लेने के लिए इधर उधर ही हवाई यात्रायें करते रहते हैं - एक बार कोई भी सरकारी सुविधा या आवास मिलने के बाद इन्हें वहां से कभी नहीं हटाया जा सकता है। अकेले दिल्ली में करीब पांच हज़ार बंगलों पर इनके अवैध कब्ज़े हैं !

तो सरकार खुद इन्हें हटाती क्यों नहीं - ? सवाल उठा ना मन में..
पहली बात तो यह कि पूर्व की सरकारें तो इस बारे में सोचती ही नहीं थीं-क्यों कि नेहरू के ज़माने से ही यह लोग इसे चिपके हुए हैं - और ऐसा बिना सरकारी संरक्षण सम्भव हो नहीं सकता - समझे आप। *कांग्रेस की सरकार ने इन्हें प्रतिदान के सिद्धांत पर (quid pro quo) आश्रय दिया और अधिकाधिक नि:शुल्क सुविधाएं प्रदान कीं।*

दूसरा कि यह लोग एक दुसरे का भंयकर वाला सपोर्ट भी करते हैं -इसके अलावा एक और बात है -यह महज़ एक परजीवी *(parasite)* ही नहीं हैं - अपितु स्वयं को प्रगतिशील वामपंथी कहकर अपनी शक्ति का स्वयं निर्धारण भी करते हैं - व खुद ही मिलकर ढिंढोरा पीटकर स्थापित होते हैं - इस कला के पुराने खिलाड़ी हैं..
दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के सेमीनार में उपस्थित होने के कारण ये दुनिया भर में जाने भी जाते हैं *इनमें से अधिकांश लोग विदेशों में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर के आए हुए हैं। ये भारत में व्याप्त गरीबी, कमियों और कुरीतियों को अपनी कला, लेखनी, फिल्मों, इलैक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से बखूबी दर्शाते हैं और भारत की प्रगति, समरसता और बेहतर बदलाव आदि इनको फूटी आंख नहीं भाते, अतः ये उन सब खूबियों को जानबूझकर नज़रंदाज़ करते हैं।* -ये बहुत ही अच्छे तरीके से एक दूसरे के साथ बंधे हुए हैं -दुनिया भर के पत्रकार- भारत में कुछ भी होने पर इनकी राय मांगते हैं - क्या पता मानते भी हों..यह सरकार के सिर पर बैठे हुए जोकर की तरह हैं -और कोई भी इनका कुछ नहीं कर सकता और यही भारत की कला, संस्कृति और सोच का निर्धारण करते हैं !

अफवाहों को उठाकर “न्यूज” में बदल देने वाले इन बुद्धिजीवियों के अन्दर शाम होते ही अल्कोहल सर चढ़कर बोलती है मोदी जी ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने की हिमाकत की है

बरखा दत्त की, टाटा के साथ की गयी "दलाली" नीरा राडिया टेप के लीक होने पर प्रकाश में आई थी..लेकिन इतने भीषण खुलासे के बाद भी बरखा को एक दिन के लिये भी पद से नहीँ हटाया जा सका था..
यह है इ

नकी शक्ति का स्तर..

 *मोदी जी ने इस चक्रव्यूह को तोड़ने की हिमाकत की है* -चेतावनियाँ सरकार बनने के छह महीने बाद से ही इन्हें दी जाती रही -फ़िर सांस्कृतिक मंत्रालय ने इन्हें नोटिस भेजा - “असहिष्णुता” की आग फैलाने का असली आन्तरिक कारण यही था ।

 उदाहरण के लिए पेंटर जतिन दास, जो कि बॉलीवुड एक्टर नंदिता दास के पिता हैं , इन्होने पिछले कई सालों से दिल्ली के जाने माने स्थान में एक सरकारी बंगले पर कब्ज़ा कर रखा है -सरकार ने उन्हें बंगले को खाली करने का नोटिस दिया था-इसके बाद से ही नंदिता दास लगातार अंग्रजी चैनलों पर असहिष्णुता के ऊपर बयानबाज़ी कर रही है - और अंग्रेजी अखबारों में कॉलम लिख रही हैं !

कई शहरों व अखबारों में इनके शागिर्द हैं वे इनकी राग में गाते हैं - वैसे ही शब्द वैसी ही नज़र जैसी कौवौ या चील की होती है - केवल इन्हें इस सरकार की कमियां दिखती है और जो अच्छाइयां हैं, उनको कैसे बुरा बताकर आंकडो से भरमाया जा सकता है - इस कला के ये उस्ताद हैं -हां हमारा शहर भी अछूता नहीं है - इनके पिस्सू यहां भी फल फूल रहे हैं ।

समझ में आया कुछ -मोदी जी जैसे एक मजबूत आदमी ने जब से इनकी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। तब से रंग व चोला बदल बदल कर बिलबिला रहें हैं ।
 यही कारण है कि इनकी लिखी स्क्रिप्ट पर लिखा भाषण पढने वाली व वाले राजनीतिक छुछून्दर इनके दुख से दुखी हैं ।

यह तथाकथित बुद्धिजीवी बेहद शक्तिशाली तत्व हैं मीडिया के द्वारा ये भारत को नष्ट कर सकते हैं। ये पूरी दुनिया की नज़र में ऐसा दिखा सकते हैं कि जैसे- भारत में खून की नदियाँ बह रही हों -ये विश्व के बिजनेसमैन लॉबी को भारत में निवेश करने से रोक सकते हैं, टूरिस्म इंडस्ट्री को बर्बाद कर सकते हैं।

सच्चाई ये है कि इनके जैसी  भारत में कोई दूसरी शक्ति ही नहीं है -भारत के लिए इनको सहन करना एक हद तक मजबूरी है !!

लॉक डाउन में शराब की तस्करी महँगी पड़ेगी ,आबकारी एक्ट की इस धारा में होगी कार्यवाही*सख्त है आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क)दोषी को कड़ी सजा दिए जाने का है प्रावधान

लॉक डाउन में शराब की तस्करी महँगी पड़ेगी ,आबकारी एक्ट की इस धारा में होगी कार्यवाही*

सख्त है आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क)

दोषी को कड़ी सजा दिए जाने का है प्रावधान

कोरोना का कहर हर तरफ जारी है. भारत में भी अन्य देशों की तरह लॉक डाउन लागू है. इसी बीच सरकार ने ग्रीन और ऑरेंज जोन समेत रेड जोन के कुछ इलाकों में शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत दे दी है. नतीजा ये हुआ कि पहले ही दिन शराब की बिक्री ने रिकॉर्ड कायम कर दिया. देशभर में शराब की दुकानों पर लंबी लंबी कतारें देखने को मिली. यहां तक कि सोशल डिस्टेंसिंग की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई.

इस दौरान शराब के दीवानों को काबू करने के लिए हर जगह पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी. पहले दिन की जोरदार बिक्री को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अचानक एक फैसला किया. उन्होंने राजधानी में शराब के खुद्रा मूल्य को 70 प्रतिशत बढ़ा दिया. और दूसरे दिन उस फैसले को लागू भी कर दिया. लेकिन इसका पीने वालों पर कोई खासा असर देखने को नहीं मिला. शराब दूसरे दिन भी जमकर बिकी. दिल्ली में शराब के दाम बढ़ जाने के बाद कुछ लोगों ने पड़ोसी राज्य यूपी से शराब लाने की नाकाम कोशिश की, लेकिन ऐसा हो ना सका. क्योंकि राज्यों के बॉर्डर सील हैं. वहां काफी सख्ती भी है.

अब सवाल उठता है कि अगर कोई लॉकडाउन में शराब की तस्करी करे या उसे दूसरे राज्य से खरीदकार लाना चाहे तो नियम और कानून क्या कहता है. दरअसल, भारत के हर राज्य की अपनी आबकारी नीति है. उसी के अनुसार वहां कानून भी हैं. लेकिन आमतौर पर शराब तस्करी के मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है. जिसमें तस्करी से संबंधी मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क) के तहत मामला दर्ज किया जाता है.
*क्या है आबकारी अधिनियम की धारा*
शराब की बिक्री अधिकांश राज्यों को सबसे ज्यादा राजस्व देती है. इसलिए आबकारी विभाग काफी अहम माना जाता है. हर राज्य में शराब के दाम वहां की आबकारी नीति के तहत निर्धारित किए जाते हैं. यही वजह है कि कई राज्यों में शराब सस्ती मिलती है तो कई राज्यों में महंगी. ऐसे में शराब की तस्करी के मामले अक्सर सामने आते हैं. ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के लिए आबकारी अधिनियम का इस्तेमाल होता है. यूपी आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यदि लॉक डाउन के दौरान कोई व्यक्ति अन्य राज्य से शराब लेकर आता है तो उसके खिलाफ इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. चाहे उसके पास एक बोतल ही क्यों ना हो.
आबकारी अधिकारी के अनुसार पहले आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत आने वाले मामले जमानती अपराध की श्रेणी में आते थे. इसका सीधा फायदा शराब माफियाओं को मिलता था. इसी परेशानी को देखते हुए अधिनियम में संशोधन की ज़रूरत महसूस की गई. सरकार ने वर्ष 2018 में इस पर अहम फैसला किया और आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क) को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में बदल दिया गया. अब ऐसे मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा के साथ-साथ आईपीसी की धारा 272 और 273 भी लगाती है.

धारा 60 (क)
विभागीय जानकारी के मुताबिक मूल आबकारी अधिनियम में संशोधन के बाद नई धारा 60 (क) लागू की गई है, जिसके मुताबिक अगर कोई शख्स किसी मादक पदार्थ को किसी अन्य पदार्थ से मिलाता है या मिलाने देता है या ऐसी मादक वस्तु या किसी अन्य पदार्थ को किसी मादक वस्तु में इस्तेमाल करने के लिए बेचता है या उपलब्ध करवाता है, जिससे कोई इंसान विकलांगता या मृत्यु का शिकार हो जाए तो ऐसे में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 (क) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
ये है सजा का प्रावधान
पहले आबकारी अधिनियम में ज्यादा सख्ती नहीं थी. लेकिन साल 2018 में किए गए संशोधन के बाद धारा 60 (क) तहत पकड़े गए आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई. अब तस्करी की शराब के साथ पकड़े जाने पर जमानत बड़ी मुश्किल है. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. साथ ही दोषी पर अधिकतम दस लाख रुपये का जुर्माना भी किया जा सकता है.

लॉक डाउन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश सभी को सेन्ड करे..

लॉक डाउन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश सभी को सेन्ड करे..

कोविड 19 कोरोना को मजाक में लेते हुए व्यापार करने वाले और लाकडाऊन में बिना वजह बाहर निकलने वालों की हकीकत..!!

एक दिन अचानक बुख़ार आता है..
- गले मे दर्द होता है..
- साँस  लेने मे कष्ट होता है..
- Covid 19 टेस्ट की जाती है..
- 3 दिन तनाव में बीतते हैं..
- फिर टेस्ट +ve आने पर
- रिपोर्ट नगर निगम जाती है
- रिपोर्ट से हॉस्पिटल तय होता है
- फिर एम्बुलेंस आपके घर/ कॉलोनी में आती है
- कॉलोनीवासी खिड़की से झाँक कर तुम्हे देखते है
- कुछ एक की सहानभूति आप के साथ है
- कुछ मन ही मन हँस रहे है ओर चुपचाप कहते हैं, "बहुत माल बेचने की पड़ी थी, रोज़ व्यापार कर रहा था..!"
- एम्बुलेंस वाले उपयोग के कपड़े रखने का कहते है... 
- बेचारे घरवाले तुम्हें जी भर के देखते हैं, 
- तुम्हारी आँखों से आँसू बह रहे हैं..
- तभी "चलो! जल्दी बैठो !" की आवाज़ दी गई
- एम्बुलेंस का दरवाजा बन्द..
- सायरन बजाते रवानगी..
- फिर मोहल्ला / कॉलोनी सील कर दी..
- 14 दिन पेट के बल सोने कहा.. 
- दो वक्त का जीने योग्य खाना मिला..
- T.V. Mobile सब अदृश्य हो गए..
- सामने की दीवार पर माज़ी हाल (अतीत वर्तमान) के सारे दृश्य दिखने लगे..
अब
- आप ठीक हो गये, तो ठीक वो भी, जब 3 टेस्ट नेगेटिव आ जाये तो घर वापसी... लेकिन
- इलाज के दौरान यदि कोई अनहोनी आपके साथ हुई तो..
-तो आपके शरीर को प्लास्टिक मे पैक करके सीधे कब्रिस्तान या शवदाहगृह....ये धर्म के अनुसार अधूरा भी रहेगा !
- अपनो को अंतिम दर्शन भी नही..
- जनाज़े / अंत्येष्टि क्रियाकर्म में अपने वाले भी  नहीं..
- सिर्फ परिजनों को मिलता है 1 'डेथ सर्टिफिकेट'.. 
और खेल खतम।
- फिर आपके लिए लोग आपस मे बाते करेंगे..
"बेचारा चला गया!" 
"अच्छा इन्सान था!" 
"पर लालच बहुत था !"

इसीलिये, 
.
.
.     
घर में रहो, सुरक्षित रहो,
व्यापार तो जिंदगी भर करना है...

Tuesday, May 5, 2020

इसने फेसबुक पर पोस्ट लिखा उत्तर प्रदेश में मस्जिदों में नमाज नहीं हो रही है तो योगी साले को गोली मार दो...

यह तनवीर खान बिहार पुलिस में एएसआई के पद पर था – यानी सहायक पुलिस सब इंस्पेक्टर!

इसने फेसबुक पर पोस्ट लिखा उत्तर प्रदेश में मस्जिदों में नमाज नहीं हो रही है तो योगी जी को गोली मार दो... 

यह शख्स पढ़ा लिखा है – ग्रेजुएट है और बिहार पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात है। फिर भी इसकी सोच देखिए इसे पता है कि इस वक्त कोरोना का माहौल है – मक्का मदीना बंद है – मक्का की ग्रांड मस्जिद बंद है – काबा बंद है – वेटिकन सिटी बंद है – हिंदुओं के सारे मंदिर बंद हैं – लेकिन इसे अपनी धार्मिक कट्टरता फैलाने की है।

खैर, जैसे ही लोगों ने इसकी पोस्ट की स्क्रीनशॉट यूपी पुलिस को टैग किया – पुलिस ने इसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया। 

मजे की बात यह कि इसने फेसबुक पर अपने थाने के सारे स्टाफ को ब्लॉक किया हुआ था यानी कि यह जो जहर उगल रहा था इसके साथ ही दोस्त दूसरे पुलिसकर्मी यहाँ तक कि इलाके के थाना प्रमुख इत्यादि नहीं देख पाते थे – और जब इसके ही थाने के दूसरे सारे पुलिसकर्मियों ने इसके पोस्ट देखें तब वह भी दंग रह गए कि इतना जहरीला इंसान उनके बीच में रहता था!
जितेंद्र सिंह जी के पोस्ट:
#जय_हिंदू_राष्ट्र
#Jay_Hindu_Rashtra

कृपया ध्यान दें जो लोग अन्य प्रदेशों में फंसे हैं वह लोग गवर्नमेंट ऑफ यूपी द्वारा जारी इस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अवश्य करा लें

कृपया ध्यान दें जो लोग अन्य प्रदेशों में फंसे हैं वह लोग गवर्नमेंट ऑफ यूपी द्वारा जारी इस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अवश्य करा लें
लाॅकडाउन के कारण अपने घर तक पहुंच पाने में असमर्थ लोगों की सुविधा हेतु Government of UP  ने एक रजिस्ट्रेशन पोर्टल http://jansunwai.up.nic.in प्रारंभ किया है।
दूसरे राज्यों में निवासरत उत्तर प्रदेश के नागरिक एवं उत्तर प्रदेश में निवासित अन्य प्रदेशों के निवासी इस पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं।
यह सुविधा मंगलवार 05 मई, 2020 को दोपहर से जनसुनवाई पोर्टल के एंड्रॉयड ऐप पर भी उपलब्ध हो जाएगी।
पंजीयन हेतु आवश्यक सभी जानकारियां भी आवेदक को देनी होंगी।
यदि जानकारी गलत पाई जाती है, तो महामारी अधिनियम या आपदा प्रबंधन अधिनियम के अन्तर्गत उस व्यक्ति पर कार्रवाई की जा सकती है।http://jansunwai.up.nic.in

दूर की सोच….मोदी ने चीन छोड़ रहे उद्योगपतियों के लिए बिछाया रेड कार्पेट, जमीन पहले से तैयार ताज़ा खबरेंराजनीतिक

दूर की सोच….मोदी ने चीन छोड़ रहे उद्योगपतियों के लिए बिछाया रेड कार्पेट, जमीन पहले से तैयार
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नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई यूं ही नहीं मुरीद। परिस्थितियों को भांपने में वे माहिर माने जाते हैं। कोरोना से मचे कोहराम के बीच चीन में रचे-बसे उद्योगपतियों की मंशा उन्होंने भांप ली है। यही कारण है कि अपना देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देश पर इलेक्ट्रिकल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स, हैवी इंजीनियरिंग, सोलर इक्विपमेंट, फूड प्रोसेसिंग, केमिकल और टेक्सटाइल के क्षेत्र में काम कर रहे ‘महारथियों’ को चीन, जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया से भारत आने को रिझा रहा है।

संबंधित देशों के भारतीय दूतावासों को कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि नामीगिरामी जमी-जमाई कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए उन्हें जमीन के अलावा, बिजली, पानी और सड़क की भी भरपूर व्यवस्था कर ऐसा फार्मूला तैयार किया जा रहा है जिससे वे आकर्षित हो सकें। वैश्विक स्तर पर भारत को उद्योग-धंधे के लिए एक उत्कृष्ट डेस्टिनेशन माना जाए।

देश में की गई भूमि चिन्हित : देशभर में 4 लाख 61 हजार 589 हेक्टेयर भूमि को अब तक नए उद्योग-धंधे स्थापित करने के लिए चिन्हित किया जा चुका है। इसमें से गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश की वो 1 लाख 15 हजार 131 हेक्टेयर वो भूमि भी शामिल हैं जिन्हें इंडस्ट्रीज स्थापित करने के लिए ‘मार्क’ किया गया है।

नौकरी करने वालों को घबराने की जरुरत नहीं! मोदी सरकार अगले 2 साल तक आपके खाते में डालेगी पैसा ताज़ा खबरें महत्वपूर्ण खबरें

 
नौकरी करने वालों को घबराने की जरुरत नहीं! मोदी सरकार अगले 2 साल तक आपके खाते में डालेगी पैसा
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नई दिल्ली : समाचार ऑनलाइन – नौकरी करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। जिसके मुताबिक, मोदी सरकार अगले 2 साल तक कुछ नियम और शर्तों के मुताबिक आपके खाते में पैसे डालेगी। दरअसल कोरोना काल में कई कंपनियों ने तो छंटनी भी शुरू कर दी है। हालांकि इससे अब आपको घबराने की जरुरत नहीं है। मोदी सरकार की इस स्कीम का नाम “अटल बीमित व्यक्ति कल्याण” योजना है। योजना के तहत नौकरी जाने पर सरकार आपको दो साल तक आर्थिक मदद देती रहेगी।
90 दिनों की औसत आय के 25 फीसदी जमा की जाएगी खाते में –
जानकारी के मुताबिक, ये आर्थिक मदद हर महीने दी जाएगी। बेरोजगार व्यक्ति को ये लाभ उसकी पिछले 90 दिनों की औसत आय के 25 फीसदी के बराबर दिया जाएगा। बता दें उन लोगों को स्‍कीम का फायदा नहीं मिलेगा जिन्‍हें गलत आचरण की वजह से कंपनी से कभी निकाल दिया गया हो। इसके अलावा आपराधिक मुकदमा दर्ज होने या स्वेच्छा से रिटायरमेंट (वीआरएस) लेने वाले कर्मचारी भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
 
ईएसआईसी से बीमित लोग ही उठा सकते है इसका लाभ –
इस स्कीम का लाभ संगठित क्षेत्र के वही कर्मचारी उठा सकते हैं जो ईएसआईसी से बीमित हैं और दो साल से अधिक समय नौकरी कर चुके हों। इसके अलावा आधार और बैंक अकाउंट डेटा बेस से जुड़ा होना जरूरी है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले ESIC की वेबसाइट पर जाकर अटल बीमित व्‍यक्ति कल्‍याण योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

कांग्रेस ने भी राजनैतिक रोटियां सेकने की जल्दी में सेल्फ गोल कर दिया...

कांग्रेस ने भी राजनैतिक रोटियां सेकने की जल्दी में सेल्फ गोल कर दिया... रेल्वे ने तो महाराष्ट्र सरकार को टिकट थमा दिये, महाराष्ट्र सरकार ने न केवल टिकट बेचे वरन दो दो सो रूपये में हेल्थ सर्टिफिकेट अलग जारी किये... अब क्या कांग्रेस अपनी ही सरकार द्वारा वसूले गये टिकट के पैसे यात्रियों को वापस करेगी? 

पाकिस्तान को गिलगिट-बाल्टीस्तान सहित समूचा पीओके तुरन्त खाली करने की भारत की चेतावनी...

पाकिस्तान को गिलगिट-बाल्टीस्तान सहित समूचा पीओके तुरन्त खाली करने की भारत की चेतावनी... पाक सुप्रीम कोर्ट ने पाक सरकार को गिलगिट-बाल्टीस्तान में चुनाव कराने की अनुमति दी तो भारत ने सख्त एतराज करते हुए यह चेतावनी दी 
      डुब गया पाकिस्तान

माल रोड नैनीताल -ओलों की भयंकर बरसात के बीच मदिरा प्रेमी अनुशासन के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डटे हुए हैं ।

माल रोड नैनीताल -ओलों की भयंकर बरसात के बीच  मदिरा प्रेमी  अनुशासन के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डटे हुए हैं ।

मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के बीच मुजफ्फरनगर के नई मंडी माढी की धर्मशाला के पास चमगादड़ मिलने से लोगों में दहशत फैल गई। चमगादड़को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के पीछे बार- बार ये कहा जाता रहा है कि यह बीमारी चमगादड़ से फैली है।

मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के बीच मुजफ्फरनगर के नई मंडी माढी की धर्मशाला के पास चमगादड़ मिलने से लोगों में दहशत फैल गई। चमगादड़को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के पीछे बार- बार ये कहा जाता रहा है कि यह बीमारी चमगादड़ से फैली है।

वो_फंस_चुके_हैं #तब्लीगी #मरकजकल दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने जनता से कहा है कि हमे कोरोना के साथ जीना पडेगा (मस्त फिल्मी डायलॉग था ) और लाकडाउन मे ढील देने की सिफारिश करते हुए कहा है कि सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र मे कुछ प्रतिशत कर्मचारी काम पर लौट सकते है ,

#वो_फंस_चुके_हैं #तब्लीगी #मरकज

कल दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने जनता से कहा है कि हमे कोरोना के साथ जीना पडेगा (मस्त फिल्मी डायलॉग था ) और लाकडाउन मे ढील देने की सिफारिश करते हुए कहा है कि सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र मे कुछ प्रतिशत कर्मचारी काम पर लौट सकते है ,

हकीकत में साजिश रचने वाले फंस चुके हैं इसलिए ये उनका अंतिम प्रयास है,
#आइये_साजिश_को_समझते_हैं ,
तबलीगी जमात दिल्ली मे किसके संरक्षण मे थी ये किसी से छिपा नहीं है , तबलीगी मरकज का केस तब जाकर उजागर हुआ था जब दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह खान ने अपने घर मे एक प्रोग्राम करवाया था तबलीगी मजहबी मौलाओं के बीच और कोरोना का पहला केस बगैर ट्रैवल हिस्ट्री वाला शाहीनबाग से ही मिला था आपको याद तो होगा ही ,वो महिला मरकज के प्रोग्राम में शामिल हुयी थी अमानतुल्लाह के घर मे,
तब जाकर सरकार को पता चला था कि मरकज मे दो हजार लोग एकसाथ मौजूद हैं ,और आनन फानन मे धर पकड चालू हुयी और तब तक देर हो गयी ,और तबलीगी देशभर के कोने कोने मे पहुंच चुके थे ,
उसके बाद ही मुंबई ,इंदौर,भोपाल, अहमदाबाद कोलकाता, लखनऊ,आगरा में  केस बढना शुरू हुए ,
मोदी सरकार आलरेडी लाकडाउन कर ही चुकी थी लेकिन शाहीनबाग वाले उठने को तैयार नहीं थे जबतक उनके बीच कोरोना का केस नहीं मिल गया ये भी याद होगा ही,
लाकडाउन से एक चीज बहुत अच्छी हुयी कि जो तबलीगी जहां थे जिन मोहल्लो मे थे वहीं फंसकर रह गये और इनकी धरपकड चालू हो गयी और साथ मे उनके मोहल्लो से पत्थरबाजी भी शुरू हुयी इनको बचाने के लिए इसी बीच पूरे देश ने देखा कि कैसे वो लोग सबजी भाजी फल फ्रूट करेंसी नोट आदि पर थूंक लगाकर बेंच रहे थे ,
खैर 
लेकिन तबतक ये अपने मोहल्लो मे कोरोना बांट चुके थे ,
अब आइये असली #मुद्दे पर #राहुल गांधी और #सोनिया गांधी का बयान शुरुआत मे आपको याद होगा ही कि मोदी सरकार ने लाकडाउन मे जल्दीबाजी कर दी ,और #तबलीगी के बारे मे जब जनता बोलने लगी तो आरोप मढ दिया कि मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है ,
खैर दुनियाभर की पंचायत हुयी ,
अब आते हैं मूल मुद्दे पर, #शतरंजी चाल और शह मात के खेल पर ,
केजरीवाल और सोनिया गांधी को अंदाजा नहीं था की जनता इतना लंबा लाकडाउन मानेगी ,
इसीलिए दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों मे मजदूरों के नाम पर भींड को इकट्ठा किया गया ,माहौल बनाया गया ,

सोनिया और केजरीवाल ने नहीं सोचा था कि मोदी सरकार लाकडाउन बढाती रहेगी और जनता मानती रहेगी ,
केजरीवाल और सोनिया गांधी ने सोचा था कि जब नौकरी और रोजगार बंद पडेगा तो एक सीमा के बाद लोग सडकों पर निकल पडेंगे और फिर शुरू होगा कोरोना का फैलना व्यापक तौर पर,
लेकिन मोदी सरकार ने देश की और जनता ने अपनी जान की परवाह करते हुए लाकडाउन का पालन करते हुए इनकी करतूतों पर पानी फेर दिया ,
एक महीना होने को आया है ,
 मुस्लिम मोहल्लो मे मामला तो अब बिगडना शुरू हुआ है ,पहले डेली एक हजार केस आ रहे थे ,लेकिन पिछले 3 दिनो से कोरोना मरीजों का आंकडा अचानक से दो हजार हो गया है ,
और इधर मोदी सरकार ने लाकडाउन 17 मयी तक बढा दिया है ,
पिक्चर समझ आयी मितरों ,
कोरोना मरीज वाले हाटस्पाट आलरेडी सील किए जा चुके हैं ,
मैने 20 दिन पहले ही बता दिया था कि मुस्लिम मोहल्लो मे कम्यूनिटी स्प्रेड हो चका है ,
जिस आबादी ने इसको फैलाया और छिपाया वो आबादी अब फंस चुकी है ,
इतना समझ लीजिए 
इसीलिए केजरीवाल और सोनिया गांधी फडफडा रहे हैं और केजरीवाल लाकडाउन खोलने का माहौल बना रहा है ताकि कोरोना को फैलाने की साजिश सफल हो जाए ,

130 करोड की आबादी वाला भारत इसको झेल नहीं पाएगा ,अभी तो मरीज कम हैं इसलिए आराम से इलाज हो रहा है लेकिन बाद मे नहीं होगा ,
इटली अमरीका स्पेन ईरान सब उदाहरण आपके सामने हैं ,
अरुंधति राय का जो बयान विदेशी मीडिया को दिया गया है कि मोदी सरकार मुसलमानों का सामूहिक नरसंहार करवाना चाहती है वो यूं ही नहीं दिया गया है ,

राहुल गांधी आरोग्य सेतु एप के खिलाफ क्यूं भोंक रहा है इसका आपको अंदाजा भी नहीं है ,
फेसबुक पर जो लोग कोरोना को हल्का फुल्का रोग समझ रहे हैं वो निरा चूतिये हैं ,

जहां तक मै समझता हूं कोई भी अपने बच्चों और बूंढो को इस रोग कि गिरफ्त मे नहीं आने देना चाहेगा ,
ये जो मजदूरों की वापसी हो रही है ना वो ऐसे ही नहीं हो रही है ,
मै फिर कहता हूँ ,ये भारत विरोधी तत्वों और भारतीयोँ दोनो के अस्तित्व की अंतिम लडाई है ,
 ये साजिशों का दौर है ,
सतर्क रहे जागरूक रहें ,
आशा करता हूँ मेरी बात आप सबको समझ आ रही होगी ,

अंतिम बात आप सबने 40 दिन लाकडाउन मे गुजारे ,30 दिन और गुजार लीजिए आपके सामने पूरी पिक्चर आ जाएगी ,अकेले हमारा ही नुकसान नहीं हो रहा है पूरी दुनिया बंद है चाहे अमरीका हो या इटली हो या रुस या ब्रिटेन हो

दिल्ली-आज एक बड़ी चिंताजनक खबर सामने आई है , दक्षिणी दिल्ली के कापसहेड़ा से एक ही मकान से 41 लोग पॉजिटिव आये है |

दिल्ली-आज एक बड़ी चिंताजनक खबर सामने आई है , दक्षिणी दिल्ली के कापसहेड़ा से एक ही मकान से 41 लोग पॉजिटिव आये है | iबताया जाता है कि 15 दिन पहले इस मकान से एक कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी लेकिन यहाँ के निवासी सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं कर रहे है,यहाँ से 165 रिपोर्ट जांच के लिए गयी थी ,आज 67 रिपोर्ट आई जिसमे 41 पॉजिटिव आई है |

दरअसल, दिल्ली के कापसहेड़ा में एक मकान में 18 अप्रैल को एक कोरोना का मामला सामने आया था. घनी आबादी का इलाका देखते हुए प्रशासन ने 19 अप्रैल को इलाके को सील करने के आदेश दे दिए थे. इसके बाद यहां के 95 लोगों के सैंपल 20 अप्रैल को और 80 लोगों के सैंपल 21 अप्रैल को लिए गए और यह सैम्पल नोएडा की NIB लैब में भेजे गए. कुल मिलाकर 175 लोगों के सैंपल में से 67 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आज आई है. इनमें से 41 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं

नयी दिल्ली- लॉक डाउन में ब्लैक से महंगी शराब खरीदकर काम चला रहे शराब प्रेमियों के लिए सरकार ने खुश खबरी दी है

नयी दिल्ली- लॉक डाउन में ब्लैक से महंगी शराब खरीदकर काम चला रहे शराब प्रेमियों के लिए सरकार ने खुश खबरी दी है,अब हर जों में मिल सकेगी शराब,लेकिन रहेंगी कुछ शर्ते लागू | लॉकडाउन 3.0 में सभी जोन में शराब की अनुमति दी गई है. इसके साथ ही पान मसाला, गुटखा और तम्बाकू को बेचने की इजाजत भी दी गई है. हालांकि सिर्फ कंटेनमेंट जोन में ही शराब की बिक्री पर पाबंदी रहेगी. साथ ही शराब की बिक्री सिर्फ एकल दुकानों पर ही की जा सकेगी |

हालांकि फिलहाल शराब की बिक्री मॉल्स और मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स में नहीं की जा सकेगी. यहां शराब की बिक्री पर पाबंदी जारी रहेगी. वहीं शराब, पान मसाला, गुटखा और तम्बाकू का सार्वजनिक जगहों पर सेवन नहीं किया जा सकेगा. सार्वजनिक जगहों पर इनका सेवन करने पर रोक रहेगी,साथ ही जो दुकानें शराब-पान मसाले की बिक्री कर रही हैं, वो ये सुनिश्चित करेंगी कि लोगों के बीच में 6 फीट की दूरी रहे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए. साथ ही दुकानों को इस बात को भी सुनिश्चित करना होगा कि एक वक्त में दुकान पर पांच से ज्यादा लोग न हों.वैसे सरकार ने ये भी स्पष्ट किया है कि हर जिले में जिलाधिकारी अपने जिले की स्थिति को देखकर आदेश कर सकते है |

मुज़फ़्फ़रनगर-ज़िले में अवैध कारोबार बड़े व्यापक पैमाने पर जारी है ।

मुज़फ़्फ़रनगर-ज़िले में अवैध कारोबार बड़े व्यापक पैमाने पर जारी है ।प्रदेश सरकार द्वारा अवैध शराब के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही के निर्देश के बाद ज़िले की पुलिस इनके ख़िलाफ़ बहुत सक्रिय नज़र आ रही है ।पिछले दो दिन में पुलिस अलग-अलग थाना इलाक़ों में 5 जगह अवैध कारोबार पकड़ चुकी है ।सवाल ये भी उठ रहे है कि आख़िर ज़िले की पुलिस इनके ख़िलाफ़ पहले से कार्यवाही क्यों नहीं कर रही थी ?..ज़िले में अवैध शराब कारोबार ज़िले में इतने बड़े पैमाने पर आख़िर किसकी शह पर चल रहा था

ज्ञातव्य है कि ज़िले की पुलिस ने कल तीन जगह अवैध शराब का कारोबार पकड़ा था ,आज खतौली में दो जगह से ये कारोबार पकड़ा है । पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 80 लीटर रैक्टीफाइड कच्ची शराब ,09 किलोग्राम यूरिया,भारी मात्रा में लहन (नष्ट किया गया) ,शराब बनाने के उपकरण( पतीला, ड्रम, बाल्टी,मग्गा आदि) बरामद किया गया है।

केंद्र सरकार ने कुछ मानक बदलते हुए देश में रेड जोन के नए मानक तय किये है और नयी सूची जारी की है,जिसमे उत्तर प्रदेश के 19 जिले रेड जोन में है।जबकि ऑरेंज जोन में 35 जिले है, प्रदेश के 20 जिले ग्रीन जोन में हैं।मुजफ्फरनगर समेत मेरठ,सहारनपुर,बिजनौर,नॉएडा सभी रेड जोन में शामिल है |शामली ऑरेंज ज़ोन में है |

केंद्र सरकार ने कुछ मानक बदलते हुए देश में रेड जोन के नए मानक तय किये है और नयी सूची जारी की है,जिसमे उत्तर प्रदेश के 19 जिले रेड जोन में है।जबकि ऑरेंज जोन में 35 जिले है, प्रदेश के 20 जिले ग्रीन जोन में हैं।मुजफ्फरनगर समेत मेरठ,सहारनपुर,बिजनौर,नॉएडा सभी रेड जोन में शामिल है |शामली ऑरेंज ज़ोन में है |

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदन की ओर से जारी पत्र के अनुसार अब 28 दिन की बजाय 21 दिन तक कोरोना वायरस से संक्रमित का नया केस नहीं आने पर जिले को रेड जोन से ग्रीन जोन में कर दिया जाएगा। अभी तक 14 दिन तक नया केस नहीं आने पर जिले को रेड से आरेंज और फिर अगले 14 दिनों तक केस नहीं आने पर ग्रीन जोन जिलों में रखा जाता था।

केंद्र सरकार की ओर से जारी लिस्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के कौनसे जिले किस जोन में है ,ये देखिये..

रेड जोन के जिले : 

मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ,कानपुर नगर, मुरादाबाद ,आगरा, लखनऊ,फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, रायबरेली, वाराणसी, बिजनौर, अमरोहा, संत कबीर नगर, अलीगढ़, रामपुर, मथुरा, बरेली।

ऑरेंज जोन :

 गाजियाबाद, हापुड़, बदायूं, बागपत, बस्ती ,शामली, औरैया, सीतापुर, बहराइच, कन्नौज, आजमगढ़, मैनपुरी, श्रावस्ती, बांदा, जौनपुर, एटा, कासगंज, सुल्तानपुर, प्रयागराज, जालौन, मिर्जापुर, इटावा, प्रतापगढ़, गाजीपुर, गोंडा, मऊ, भदोही, उन्नाव, पीलीभीत, बलरामपुर, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, हरदोई, कौशांबी।


ग्रीन जोन : 

बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, हाथरस, महाराजगंज, शाहजहांपुर, अंबेडकर नगर ,बलिया ,चंदौली ,चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद ,फतेहपुर, हमीरपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, अमेठी

राहुल गांधी ने कश्‍मीर पर दुष्‍प्रचार करने वाले तीन विदेशी फोटोग्राफर को पुलित्‍जर अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी...

राहुल गांधी ने कश्‍मीर पर दुष्‍प्रचार करने वाले तीन विदेशी फोटोग्राफर को पुलित्‍जर अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी...

डार यासीन,मुख्‍तार खान,चन्‍नी आनंद ये तीनों फोटोग्राफर विदेशी समाचार एजेंसी से जुड़े हुए हैं और कश्‍मीर से 370 हटने के बाद भारत के खिलाफ दुष्‍प्रचार करते रहे हैं...

इस राहुल गन्दी ने कभी देश के लिए अच्छा काम करने वालों को बधाई दी हैं, क्या

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श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आ रहे 1200 प्रवासी मजदूरों के आगमन पर व्यवस्था के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने की बैठक,

श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आ रहे 1200 प्रवासी मजदूरों के आगमन पर व्यवस्था के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने की बैठक,
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मजदूरों के सहायता के लिये लगाये जाये हेल्पडेस्क-जिलाधिकारी
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प्रवासी मजदूरों के स्क्रीनिंग एवं उन्हें उनके जनपदों में भेजवाने की व्यवस्था के सम्बन्ध में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने प्रतापगढ़ जंक्शन का किया निरीक्षण
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साबरमती (गुजरात) से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आ रहे 1200 प्रवासी मजदूरों के आगमन पर व्यवस्था के सम्बन्ध में कैम्प कार्यालय के सभागार में जिलाधिकारी डा0 रूपेश कुमार की अध्यक्षता में बैठक की गयी। बैठक में इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डा0 अमित पाल शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेन्द्र प्रसाद द्विवेदी एवं पश्चिमी दिनेश कुमार द्विवेदी, ए0आर0एम0 रोडवेज एम0आर0 भारती, स्टेशन अधीक्षक ए0के0 दूबे, जिला सूचना अधिकारी विजय कुमार सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में स्टेशन अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि आज सायंकाल 7 बजे 22 बोगी की ट्रेन साबरबती स्टेशन (गुजरात) से प्रस्थान करेगी जो जनपद में दिनांक 06 मई को अपरान्ह 2.15 बजे प्रतापगढ़ जंक्शन आयेगी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि यात्रियों की स्क्रीनिंग हेतु 20 टीमें तैयार कर लें जो प्लेटफार्म पर ही मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की सहायता हेतु हेल्पडेस्क लगाने का निर्देश दिया। मजदूरों के प्लेटफार्म से 02 निकासी के मार्ग को छोड़कर अन्य सभी मार्गो को बैरीकेट कराने हेतु स्टेशन अधीक्षक को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने ए0आर0एम0 रोडवेज को 40 बसे मजदूरों को उनके जनपद तक पहुॅचाने हेतु रेलवे स्टेशन पर अपरान्ह 12 बजे तक अवस्थापित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी बसों पर कन्डेक्टर एवं ड्राइवर के मोबाईल नम्बर भी नोडल अधिकारी को अवगत करा दिये जाये, सभी बसों पर जनपद का नाम एवं उस बस पर बैठने वालों की सूची बस के सामने एवं पीछे चस्पा करा दी जाये ताकि किसी भी मजदूर को बस ढूढ़ने में कठिनाई न हो। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रानीगंज को निर्देशित किया कि जनपदवार सूची तैयार करें तथा मजदूरों के मोबाईल नम्बर पर एस0एम0एस0 द्वारा सूचना भेजे ताकि मजदूरों को पहले से ये पता रहे कि उन्हें किस बस पर बैठकर अपने जनपद में जाना है। बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि प्रत्येक बस पर एक कान्सटेबल एवं एक होमगार्ड की ड्यिटी लगायी जायेगी जो प्रवासी मजदूरों को उनके जनपद तक पहुॅचाने में मदद करेगें।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से प्रतापगढ़ जंक्शन का निरीक्षण किया। रेलवे स्टेशन पर जिलाधिकारी ने प्लेटफार्म नम्बर-1 का भ्रमण कर मजदूरों के ट्रेन से उतरने पर उनके बैठने, उनके स्वास्थ्य परीक्षण, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि स्टेशन पर दो निकासी मार्ग को छोड़कर अन्य सभी मार्गो पर सुरक्षा कर्मी तैनात किये जाये ताकि कोई भी मजदूर स्वास्थ्य परीक्षण कराये बिना बसों पर न बैठे तथा सोशल डिस्टेसिंग का शत् प्रतिशत अनुपालन हो सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा0 अमित पाल शर्मा, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीराम यादव सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला सूचना कार्यालय प्रतापगढ़ द्वारा प्रसारित

ब्रेकिंग।प्रतापगढ़।आंधी और बारिश हुई जानलेवा,तेज़ आंधी के चलते प्रतापगढ़ में दो लोगो की मौत

ब्रेकिंग।प्रतापगढ़।आंधी और बारिश हुई जानलेवा,तेज़ आंधी के चलते प्रतापगढ़ में दो लोगो की मौत,दीवाल गिरने से युवक की दर्दनाक मौत,आधी के दौरान पेड़ गिराने से महिला की मौत,बाग़ की रखवाली करते समय हुआ हादसा,शहर समेत कई ग्रामीण इलाके की विद्युत आपूर्ति भी तेज़ आंधी और बारिश से प्रभावित,नबाबगंज और हथिगवां थाना इलाके में हुआ हादसा।

लखनऊ *यूपी परिवहन निगम से बड़ी खबर*

लखनऊ 
 *यूपी परिवहन निगम से बड़ी खबर* 

ग्रीन जोन जिलों में बसों को चलाए जाने का आदेश

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार शुरू होगी बस सेवा

एमडी परिवहन निगम ने बसों को चलाया जाने को लेकर जारी किए निर्देश

ग्रीन जोन जिलों की सीमा के अंदर सभी मार्गों पर चलेंगी बसें

ग्रीन जोन जनपद के सीमावर्ती ग्रीन जोन जिलों में भी चलेगी बस सेवा

प्रदेश के दो ग्रीन जोन जिलों के बीच भी यूपी परिवहन की बस सेवा शुरू

यूपी परिवहन की बस में स्टाफ और यात्रियों को मास्क अनिवार्य

भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार संख्या में बैठाए जाएंगे यात्री

यूपी परिवहन विभाग में बसों की निगरानी के लिए कोविड टास्क फ़ोर्स का गठन

बस स्टेशन और बसों को निरंतर किया जाएगा सैनिटाइज.

ब्रेकिंग प्रतापगढ़*थाना उदयपुर क्षेत्र रेहुआ लालगंज मे मिला एक करोना पाजटिब* चंडीगढ़ से बाईक से आए है दो लोग ■एक की रिपोर्ट पाजटिब.■

■ब्रेकिंग प्रतापगढ़■

*थाना उदयपुर क्षेत्र रेहुआ लालगंज मे मिला एक करोना पाजटिब*

■ चंडीगढ़ से बाईक से आए है दो लोग ■

■एक की रिपोर्ट पाजटिब.■



उदयपुर थाना क्षेत्र के रेहुआ लालगंज मे एक करोना मरीज मिलने से मचा हडकंप

लालगंज तहसील अन्तर्गत रेहुआ लालगंज गांव मे एक करोना संक्रमित मरीज मिलने से जहां प्रशासन सख्त हुआ है वहीं गांव मे हडकंप मचा हुआ है।उपजिलाधिकारी बी.के. प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चंडीगढ़ पंजाब मे रेहुआ लालगंज निवासी सत्रुघन सिंह व अरविंद सिंह कोरोना संदिग्ध होने के कारण क्वारंनटीन किए गये थे।वहां से दोनों लोग भाग निकले और बाईक से आज सुबह अपने गांव रेहुआ लालगंज पंहुचे।गांव पहुंच ने पर इसकी सूचना जैसे ही देरशाम प्रशासन को मिली तो तहसीलदार पद्ममेश श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष उदयपुर गांव पहुंचे।प्रशासन ने दोनों संदिग्धों को लेकर प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय भेजा है।
अब दोनों को इलाहाबाद भेजने की प्रशासन तैयारी कर रहा है।
शत्रुघ्न सिंह की रिपोर्ट पाजटिब होने की सूचना है।