“Indian” शब्द का अर्थ है
*हरामी संतान*
आपने पढ़ा होगा अंग्रेजों के समय में सिनेमाघरों और कई सार्वजनिक जगहों पर
“Dogs and Indians are not allowed” का बोर्ड लगा रहता था इसी से आप समझ सकते हैं अंग्रेज के लिये इंडियन्स की क्या वैल्यू थी।
लेकिन यदि आप ऑक्सफ़ोर्ड की पुरानी डिक्शनरी ( Oxford Dictionary ) खोलें तो पृष्ठ नं० 789 पर लिखा है Indian जिसका मतलब बताया गया है कि “old-fashioned & criminal peoples” अर्थात् पिछडे और घिसे-पिटे विचारों वाले अपराधी लोग तथा india का एक और अर्थ है “वह व्यक्ति या दंपत्ति जिसके माता-पिता का विवाह चर्च में नहीं हुआ हो|” अर्थात “Indian” शब्द का अर्थ है उस दंपत्ति से पैदा संतानें जो की चर्च में विवाह न होने के कारण नाजायज हैं मतलब कि बास्टर्ड या फिर हरामी संतान | ब्रिटेन में वहां के नागरिकों को “इंडियन” कहना क़ानूनी अपराध है |
“भारत” या “इंडिया” इस देश का क्या नाम है ?
सरकार से यही सवाल एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पूछ कर केंद्र सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। सूचना के अधिकार क़ानून यानी आरटीआई के तहत पूछा है कि सरकारी तौर पर भारत का क्या नाम है ?
उन्होंने एक अख़बार को बताया, “इस बारे में हमारे बीच काफी असमंजस है। बच्चे पूछते हैं कि जापान का एक नाम है, चीन का एक नाम है लेकिन अपने देश के दो नाम क्यूं हैं.” उनके इस सवाल ने सरकारी दफ्तरों में हलचल मचा दी है क्योंकि सरकार के पास फिलहाल इसका कोई जवाब नहीं है.
जवाब में आवेदक चाहता है कि “हमें सुबूत चाहिए कि किसने और कब इस देश का नाम “इंडिया” रखा ? या भारत को “इंडिया” कहने का फैसला कब किसके द्वारा लिया गया?”
उक्त आवेदन पर प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें जवाब मिला है जिसमें कहा गया है कि “उनके आवेदन को गृह मंत्रालय के पास भेजा गया है.”गृह मंत्रालय में भी इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था अतः इसे “संस्कृति विभाग” और फिर वहां से “राष्ट्रीय अभिलेखागार” भेजा गया है जहां जानकारी खोजी जा रही है.
राष्ट्रीय अभिलेखागार 300 वर्षों के सरकारी दस्तावेज़ों का संग्रह है. वहां के एक अधिकारी ने बताया है कि “हम इसका जवाब ढूंढ रहे हैं. जवाब शीघ्र ही भेजा जाएगा.”
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखा है- ‘इंडिया दैट इज़ भारत’. इसका मतलब यह हुआ है कि देश के दो नाम हैं. सरकारी तौर पर ‘गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया’ भी कहते हैं और ‘भारत सरकार’ भी कहते हैं.
सरकारी कार्यवाही में भारत और इंडिया दोनों का इस्तेमाल किया जाता है जबकि हमारे संविधान में भी कहा गया है ” इंडिया दैट इज भारत”|
कुछ विद्वान मानते हैं कि “इंड” शब्द कि उत्पत्ति “सिंध” शब्द से हुई है इसी “इंड” से इंडिया बना किन्तु यह विचार गलत है क्योंकि जिन स्थानों पर सिंध नदी नहीं थी वहाँ के निवासियों के लिए भी अंग्रेज “इंड” शब्द का प्रयोग करते थे | जैसेकि अमेरिका के मूल निवासियों को “रेड इंडियन” कहा जाता था इसके अलाव इंडोचीन, इंडोनेशिया, वेस्टइंडीज़, ईस्टइंडीज़ आदि शब्दों के प्रयोग में सिंधु से कोई लेना-देना नहीं है |
अर्थात “इंडियन” शब्द शतप्रतिशत गुलामी का प्रतीक है।
अब सिर्फ "भारत"
ना इंडियन ना हिंदुस्तान
अब सुप्रीमकोर्ट भी इस पर विचार करेगा....
हमें अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाना चाहिए ...
इस अभियान में साथ देने वाले महान आचार्य पूज्यनीय श्री विद्यासागर जी महाराज को अनंत नमस्कार,🙏
सच कहूं तो आज ही पता चला कि आचार्य श्री इस अभियान को चला रहे थे.....
हर हर हर महादेव....🙏
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